नारेबाजी के साथ मंदिर हटाने की मांग हुई
बड़ौत के दिगंबर जैन महाविद्यालय में कॉलेज मैनेजमेंट ने 2016 में श्रुति देवी की प्रतिमा लगावाई थी. मंगलवार को ABVP के कार्यकर्ताओं ने उसे हटवाने की मांग करते हुए हंगामा किया. मामला इतना बढ़ा कि ABVP कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के मेन गेट पर तालाबंदी कर दी. उन्होंने अल्टिमेटम देते हुए कहा कि मैनेजमेंट कमेटी 7 दिन के अंदर प्रतिमा को वहां से हटा ले.
इस प्रदर्शन का वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर खासा वायरल होने लगा. लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे. शाम होते-होते ABVP को अपनी गलती का अहसास हुआ. उसने अपने कार्यकर्ताओं को ऐसे किसी भी तरह के प्रदर्शन से अलग रहने को कहा, साथ ही ट्विटर पर इस हरकत के लिए माफी भी मांगी.
ABVP ने ट्वीट में लिखा-
ABVP दिगंबर जैन शिक्षण संस्थान, बागपत में प्रतिमा के सम्बंध में हुए आंदोलन के लिये दिगम्बर जैन समाज से माफ़ी मांगती है. यह भी स्पष्ट करती है कि यह घटना अज्ञानतावश एवं प्रमुख कार्यकर्ताओं की जानकारी के बिना हुई, फिर भी ABVP इस तरह की घटना का लेशमात्र समर्थन भी नही करती है. हम परिसर को शिक्षा का मंदिर मानते है और सभी पन्थों-परम्पराओं के प्रति श्रद्धा का भाव रखते हैं. अखिल भारतीय विधार्थी परिषद बागपत के कुछ कार्यकर्ताओं की भूल के लिए पुनः सम्पूर्ण समाज से क्षमाप्रार्थी है.

एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने पहले जैन मंदिर को लेकर हंगामा किया. विडियो वायरल होने के बाद ट्विटर पर माफी मांगी.
श्रुति देवी की प्रतिमा के खिलाफ ABVP कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद बुधवार को दिगंबर जैन बाल सदन में जैन समाज के लोगों ने नाराजगी दिखाई थी. जुलूस निकाला. मांग की कि कॉलेज में उपद्रव करने और मां श्रुति देवी का अपमान करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. जैन समाज के लोग लगातार इस पर विरोध जता रहे थे.
राजनीति गरमाने लगी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार शाम को इस घटना का वायरल वीडियो ट्विटर पर अपने अकाउंट से शेयर किया. इसके साथ ही उन्होंने राहत इंदौरी का शेर भी लिखा.
‘लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में, यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है...’
श्रुति देवी जैन समाज की आराध्य देवी हैं. जैन आगम के अनुसार, श्रुति देवी को विद्या और ज्ञानदायिनी माना जाता है. जैन धर्म में चौबीस तीर्थंकर हैं. हर तीर्थंकर के साथ जिनशासन देवियां और देवताओं का भी अस्तित्व होता है. जैन शिल्प में इन जिनशासन देवियों की मूर्ति के साथ मस्तक पर तीर्थंकर का विराजमान होना भी सहज रूप से मिलता है.













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