The Lallantop

गोबर से मसाले के बाद अब चर्बी-हड्डियों से देसी घी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई

यूपी में एक के बाद एक कारनामे सामने आ रहे

Advertisement
post-main-image
पुलिस टीम ने जब फैक्ट्री में छापेमारी की तो कथित तौर पर गैस के चूल्हे पर चर्बी उबल रही थी. एत्मादपुर, आगरा की सीओ अर्चना सिंह (दाएं) ने पूरी घटना की जानकारी दी. (फोटो- इंडिया टुडे)
गोबर, भूसे, हानिकारक तेल और रंग मिलाकर मसाले बनाने की फैक्ट्री के पर्दाफाश के बाद अब आगरा में मिलावटी घी का बड़े पैमाने पर गोरखधंधा पकड़ा गया है. यहां जानवरों की चर्बी और हड्डियां उबालकर घी बनाया जा रहा था, ऐसा आरोप है. पुलिस और खाद्य विभाग की टीम को छापे में यहां से भारी मात्रा में तैयार नकली घी के अलावा जानवरों की हड्डियां, पैर और खुर भी मिले. गैस के चूल्हे पर उबालती मिली चर्बी  इंडिया टुडे रिपोर्टर अरविंद शर्मा के मुताबिक, ये फैक्ट्री आगरा के खंदौली कस्बे में चल रही थी. 17 दिसंबर को यहां छापेमारी हुई. पुलिस टीम ने फैक्ट्री संचालक सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. दो आरोपी टीम को चकमा देकर फरार हो गए. बताया जाता है कि पुलिस टीम ने जब फैक्ट्री में छापेमारी की, तो वहां कथित तौर पर गैस के चूल्हे पर चर्बी उबाली जा रही थी. पुलिस के पहुंचते ही फैक्ट्री में काम कर रहे लोगों में भगदड़ मच गई. पकड़े गए चार आरोपितों में एक फैक्ट्री का मालिक चांद बाबू है. उसके अलावा तीन कर्मचारी शैफी, इरशाद और ताहिर भी पकड़े गए हैं . सल्लो और सोहिल भाग निकले. एत्मादपुर, आगरा की सीओ अर्चना सिंह ने बताया कि फैक्ट्री से भारी मात्रा में पशुओं की चर्बी बरामद की गई है. बताया जा रहा है कि ये गिरोह आगरा सहित आसपास के जिलों में नकली घी की सप्लाई कर रहा था. एक दिन पहले ही पकड़े गए थे मिलावटी मसाले बीते 16 दिसंबर को ही उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से पुलिस ने नकली मसाले बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी थी. इस फैक्ट्री में गोबर, भूसे, हानिकारक तेल और हानिकारक रंग मिलाकर मसाले तैयार किए जाते थे. नवीपुर इलाके में चल रही इस फैक्ट्री के मालिक अनूप वार्ष्णेय को गिरफ्तार कर लिया गया है. आजतक से जुड़े राजेश सिंघल की रिपोर्ट के मुताबिक, फैक्ट्री के मालिक अनूप वार्ष्णेय हिंदू युवा वाहिनी के मंडल सह प्रभारी भी हैं. इस संगठन को सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2002 में बनाया था. अनूप वार्ष्णेय के पास ना तो फैक्ट्री चलाने का और ना ही मसाला बनाने का लाइसेंस था. इस कार्रवाई के दौरान के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं. एक वीडियो में कुछ लोगों को एक बोरी की तरफ इशारा करते हुए ये भी कहते सुना जा सकता है कि गधे की लीद है, जिससे धनिया बनाते थे.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement