एक्टर मनोज जोशी. इन्हें आपने 'हंगामा', 'फिर हेरा फेरी', 'भूल-भुलैया', 'भागमभाग' जैसी फिल्मों में देखा होगा. अक्सर अपनी एक्टिंग से हंसाने वाले मनोज ने ट्विटर पर कुछ ऐसा ट्वीट कर दिया कि लोग उन्हें गालियां दे रहे हैं. लोगों का कहना है कि इस महामारी के दौर में इससे घिनौनी बात कोई हो ही नहीं सकती. दरअसल मनोज जोशी ने कल एक ट्वीट किया. लिखा,
''जो घर-घर से अफ़ज़ल निकाल रहे थे, वहां से कभी डॉक्टर भी निकालेंगे क्या?''
मनोज का ये ट्वीट वायरल हो गया. आग की तरह फैल गया. लोगों ने भर-भर के उन्हें गालियां देनी चालू कर दी. कितनों ने कहा कि मनोज का ये ट्वीट इस्लामोफोबिक है. वो किसी एक कम्यूनिटी को टारगेट करके क्या दिखाना चाहते हैं? जब हम इस ट्वीट के कमेंट सेक्शन में गए तो भतेरे ऐसे कमेंट मिले जो मनोज की सोच को ओछा बता रहे हैं. लोगों ने भी मनोज को करारा जवाब दिया. इसी ट्वीट के कमेंट सेक्शन में कई मुस्लिम डॉक्टर्स ने भी ट्वीट किया. अपने ट्वीट से उन्होंने मनोज जोशी और उन जैसी सोच रखने वालों के मुंह पर ज़ोरदार तमाचा मारा है. डॉक्टर और राइटर शाह आलम खान ने ट्वीट किया. लिखा,
''जोशी साहेब आदाब, सुना है आप ढूंढ रहे हैं हम जैसों को? हुकुम करिए क्या काम था? सेवा में हाज़िर हैं.''
एक शख्स ने ट्वीट किया,
''शर्म आनी चाहिए आपको, जब समस्त देशवासी एकजुट होके कोरोना को हराने में लगे हैं तो आप जैसे घटिया मानसिकता वाले लोग हिंदू मुस्लिम का राग अलाप के देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं.''

मनोज के इसी ट्वीट पर अक्सा शेख नाम की एक डॉक्टर ने भी कमेंट किया. लिखा,
''अफ़ज़ल की जगह अक्सा चलेगी क्या? आएं...आपका इलाज करते हैं...''
एक शख्स ने लिखा,
''मैं आपका ये कमेंट पढ़कर हैरान हूं! मैं आपका बहुत बड़ा फैन था और समझता था कि आप बहुत सेंसिबल इंसान होंगे...इस मुश्किल के वक्त में भी आप ऐसी बातें कर रहे हैं.'' 
एक और बंदे ने लिखा,
''मनोज जी, मैं समझ सकता हूं कि कोविड के चलते आपकी आर्थिक-मानसिक स्थिति गड़बड़ा गई है. उसकी पूर्ति के लिए आप नफ़रत वाली चरस की खेती कर, अपने आपको स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं. भगवान से प्रार्थना है कि आपको सद्बुद्धि दे और आपके नफ़रती चरस का कारोबार चौपट कर दे.'' 
एक और यूज़र ने लिखा,
''किस तरह के नीच व्यक्ति हो? तुम एक्टर हो, ये सोच के भी शर्म आती है. सरकार ने देश की दुर्दशा कर रखी है, कुंभ चला रखा है, रैलियां चला रखी है, पर तुम्हारे अंदर का नफरती इंसान सरकारों से प्रश्न पूछने की बजाय मुसलमानों को टारगेट कर रहा है!'' 
कुछ लोगों ने कमेंट सेक्शन में मनोज जोशी को रेमेडिसविर दवा को लेकर भी कई बातें सुनाई. एक ने लिखा,
''रेमेडिसविर का इंजेक्शन जोशी की शाखा में नहीं बल्कि अब्दुल की फैक्ट्री में बन रहा है.'' 
मनोज जोशी के इस ट्वीट पर लोग लगातार कमेंट कर रहे हैं. उनका कहना है कि मनोज अपने ट्वीट के लिए माफी मांगे. मनोज जोशी का पक्ष जानने के लिए हमने उनसे बात की. उन्होंने कहा कि उनका इरादा मुस्लिमों की भावनाओं को आहत करने का नहीं था. वो किसी एक कम्युनिटी को टारगेट नहीं करना चाह रहे थे. बल्कि वो उन लोगों के लिए ऐसा कह रहे थे जिन्होंने कुछ साल पहले अफ़ज़ल गुरु का समर्थन किया था. जब हमने मनोज से कॉल पर बात की तो उन्होंने बताया कि वो कहीं बाहर हैं, जहां नेटवर्क का ईश्यू है. उन्होंने कहा मैं आपको इस बारे में लिखकर बताता हूं. इसके बाद मनोज जोशी ने हमें मैसेज पर ये तीन लाइनें लिखकर भेजी,
''मैंने सिर्फ़ इतना ट्वीट किया था कि जो लोग अफ़ज़ल पैदा करने की बात करते हैं, वो डॉक्टर कब निर्माण करेंगे, जो देश की सेवा करें. इसको हिंदू-मुस्लिम के नज़रिए से देखने वाले व अफ़ज़ल जैसे आतंकवादी को हमारे मुस्लिम समुदाय से जोड़ने वाले बहुत ही ओछी मानसिकता के हैं. इस ट्वीट को मुस्लिम समुदाय से जोड़ना ही मूर्खता है. इस तरह का प्रचार करने वाले सब लोग कुछ दिन पहले टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़े थे.''
मनोज जोशी के इस जवाब से आप कितने संतुष्ट हैं, आप ही तय करिए.