सीन शॉट ऐसा लग रिया है कि बीजेपी और आम आदमी पार्टी पार्टी (AAP) में सट्टी-बट्टी हो गई है. तुम हमारे तोड़ो, हम तुम्हारे तोड़ेंगे. मतलब ये कि पंजाब और यूपी में अगले साल चुनाव है और इसकी तैयारी शुरू हो गई है. चुनाव की तैयारी अपने यहां कैसे चलती है आप जानते हैं. दो खबरें हवा में गोता लगा रही हैं. एक, कुमार विश्वास यूपी चुनाव से पहले AAP छोड़कर बीजेपी में जा सकते हैं. दूसरी, पंजाब में कभी BJP के स्टार प्रचारक रहे नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू AAP की टोपी पहन सकती हैं.
कहानी कहां से शुरू हुई?
AAP के टॉप-5 नेताओं में शुमार कवि कुमार विश्वास का बुधवार को बर्थडे था. इस मौके पर बीजेपी सांसद ओम माथुर उनसे मिलने पहुंच गए. ओम माथुर ही बीजेपी के लिए UP चुनाव का काम-काज देख रहे हैं. प्रभारी हैं. पार्टी में पहुंचकर उन्होंने कुमार को शुभकामनाएं दीं. जो वीडियो सामने आया है उसमें कुमार बड़ी गर्मजोशी से ओम माथुर को रिसीव करते दिख रहे हैं. दोनों हाथों में हाथ डाले हैं और फिर कुर्सी पर बैठकर बात करने लगते हैं.

यहीं से कयास लगने शुरू हुए कि कुमार पार्टी बदल सकते हैं. बाद में जब ओम माथुर से इस बारे में पूछा गया तो वे बोले कि कुमार मेरे पारिवारिक मित्र हैं और उन्हें 25 साल से जानता हूं. कल की मुलाकात का राजनीतिक मतलब मत निकालिए. मेरा उन पर और उनका मुझ पर अपार विश्वास है. सिर्फ जन्मदिन की बधाई देने गया था. कल वाली मुलाकात को राजनीति से मत जोड़िए. बाकी आगे क्या होगा आप इंतजार कीजिए. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि चुनावी व्यूह रचना में जो लोग भी साथ आना चाहेंगे, उन्हें साथ लिया जाएगा. वैसे लोकसभा चुनाव से पहले भी खबर उड़ी थी कि कुमार बीजेपी में जा सकते हैं. कुमार ने कहा भी कि उन्हें बीजेपी से ऑफर मिला था. लेकिन वह नहीं गए.
लेकिन सिद्धू वाली स्टोरी में दम है!
पंजाब की कहानी ये है कि वहां नवजोत सिंह सिद्धू अकाली दल से गठबंधन के खिलाफ हैं और इस वजह से उनकी बीजेपी आलाकमान से भी कट्टी चल रही है. दोनों ने इलेक्शन कैंपेन से भी दूरी बना रखी है. हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में मिसेज सिद्धू ने सीधे तो नहीं कहा, पर पूरा हिंट दिया कि वह AAP में जा सकती हैं. उन्होंने कहा कि SAD-BJP गठबंधन पंजाब और यहां के लोगों के लिए अच्छा नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि वह चुनाव जरूर लड़ेंगी लेकिन SAD-BJP की ओर से नहीं. AAP में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'अभी मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना. मैं SAD-BJP से चुनाव नहीं लड़ूंगी, इसलिए मुझे मूव ऑन तो करना ही पड़ेगा. मुझे वे लोग खोजने होंगे जो पंजाब की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं.' खबरें कह लीजिए, अटकलें कह लीजिए, अभी बातें सिर्फ हवा में हैं. आखिर में न्यूज चैनलों का पसंदीदा 'ऊंट की करवट' वाला मुहावरा संलग्न है.