इसको कहोगे क्या? फैशन कॉन्शस हैं? न. बीमार, बहोत बीमार हैं. इनके घर परिवार और प्यार करने वाले नहीं हैं क्या? कि एक कंटाप धर के कहें "का कर रही हो बिटिहनी. चुक जइहौ ई फैसन मा. पतली कमरिया लेकर का करोगी. सुई सा शरीर लेकर इससे रजाई सिलनी है?"
भारत के गांव देहात में चले जाओ. बिटिया बहुरिया के गले में हड्डी दिखने लगे तो घरवालों की सांस अटक जाती है. सलाही आने जाने लगते हैं. मम्मी पड़ोसनों से कहती हैं- तुम ही समझाओ दिदिया. हम तो हार गए. कुछ खाती पीती ही नहीं.
फिर शुरू हो जाए उनका ट्रीटमेंट. दबा कर विटामिन प्रोटीन वाला खाना पीना. जो बीच में रोक दे उसको चार ठो गालियां. जब तक जिस्म के हर हिस्से में मांस न चढ़ जाए. खवहट बंद न हो.
और ये बताओ कौन इन सूखी लड़कियों को पसंद करता है? किसको दिखाने के लिए ये सब चल्लहा है. खुद के लिए खुद पर कोई अत्याचार तो करेगा नहीं. बिना खाए पिए रहे. सिर्फ A4 साइज की कमर पाने के लिए. खुद ये फोटोज देखो और इनसे सीख लो. कि इनसे नहीं सीखना है. कतई वाहियात आइडिया है ये सुक्खड़ होने का.




















