37 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ता एक विमान में अचानक धुंआ भरने लगता है. ये उस दौर की बात जब प्लेन में सिगरेट पीने की इजाजत हुआ करती थी. लेकिन ये सिगरेट का धुंआ नहीं था. इसका रंग नीला था और इसमें सल्फर की गंध आ रही थी. धुंआ कहां से आया, कोई कुछ समझ पाता, इतने में कॉकपिट की स्क्रीन पर बिजलियां कौंधने लगी. वो भी नीले रंग की. राडार में देखा तो पता चला मौसम साफ़ है. फिर बिजलियां कहां से आई. इस सवाल का जवाब मिलता, इससे पहले ही अचानक प्लेन का एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया. प्लेन में चार इंजन थे. लेकिन फिर दूसरा इंजन भी बंद हो गया. और एक-एक कर चारों इंजनों ने काम करना बंद कर दिया. हवा में ग्लाइडर बने इस प्लेन में क्रू को मिलाकर 263 लोग में सवार थे. जिनकी जिन्दगी अब हवा में लटक गई थी. देखें वीडियो.
तारीख: जब 37 हज़ार फ़ीट पर ज्वालामुखी के ठीक ऊपर उड़ते प्लेन का इंजन बंद हो गया!
प्लेन में चार इंजन थे. लेकिन फिर दूसरा इंजन भी बंद हो गया. और एक-एक कर चारों इंजनों ने काम करना बंद कर दिया.
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