साल 1810 की बात है. विलियम बेंटिक मद्रास के गवर्नर हुआ करते थे. आए दिनों उनके पास खबर आती थी कि राहगीर गायब हो रहे थे. इक्का दुक्का घटनाएं होना आम थीं, लेकिन धीरे-धीरे ख़बरें आने लगी कि कारवां लुट रहे हैं. और मामला केवल लूट का नहीं था. जिन लोगों को लूटा जाता, उनका कुछ अता पता भी नहीं मिलता. ऐसे में उस साल ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को अपने सिपाहियों के लिए एक एडवाइजरी जारी करनी पड़ी कि रास्ते में डकैतों से सावधान रहें. लेकिन जैसे जैसे वक्त बीता, डकैती की वारदातें बढ़ती गयी. देखिए वीडियो.
तारीख: भारत का वो ठग जिसके नाम हत्याओं का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड था
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को अपने सिपाहियों के लिए एक एडवाइजरी जारी करनी पड़ी कि रास्ते में डकैतों से सावधान रहें.
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