ये भूख से तड़पते बच्चे और खंडहर में तब्दील हो चुकी ग़ज़ा पट्टी भर की बात नहीं. न ये इज़रायल और फ़िलस्तीन के बीच जारी संघर्ष की बात भर है. ये उससे कहीं आगे और कई दशकों पहले की बात है. ऐसे में फ़िलस्तीन के सदी भर से ज़्यादा के संघर्ष को समझना ज़रुरी हो जाता है. वो भी तब, जब यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा जैसे मुल्कों ने फ़िलस्तीन को एक देश के तौर पर मान्यता दे दी हो. भारत भी इसी पक्ष में खड़ा नज़र आता हो. 150 से ज़्यादा देशों के समर्थन के बावजूद, आखिर आज भी आज़ादी क्यों मांग रहा है फ़िलस्तीन? क्या है इसके संघर्ष की कहानी? क्या भारत ने अब हाथ बढ़ाए हैं या पहले भी हमने इसकी आवाज़ को मज़बूती दी है. इज़रायल और फ़िलस्तीन का झगड़ा शुरू कहां से हुआ? जानने के लिए देखें तारीख का ये एपिसोड.
तारीख: कहां से शुरू हुआ फिलिस्तीन का झगड़ा? सैकड़ों देशों के समर्थन के बाद आखिर क्यों आजादी मांग रहा है फिलिस्तीन?
फ्रांस और ब्रिटेन, ये दोनों ही ऐसी ताकतें रहीं, जिन्होंने दुनिया को किसी ज़ागीर की तरह समझा. जहां व्यापार करने गए, वहां राज किया. जब मामला आउट ऑफ़ कंट्रोल होने लगा, तो किसी भी दो अफसरान को बैठाया और हज़ारों साल की सांस्कृतिक पहचान को धता बताकर लकीरें खींच दीं.
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