हाल में अमेरिका में हुई एक रिर्सच में ये बात सामने आई कि कंटेंट कंज्यूम करने वाले लोगों में 84% अमेरिकी ‘ट्रू क्राइम’ कंटेंट कंज्यूम करते हैं. ट्रू क्राइम यानी असली क्राइम, फिक्शन वाला नहीं. पॉडकास्ट सुनने वालों में 42% लोग ‘ट्रू क्राइम’ सुनना पसंद करते हैं. और इनमें से 90 % तो ‘ट्रू क्राइम’ पॉडकास्ट के बिंज वाचर हैं. चौंकाने वाली बात ये है कि इस प्रकार का कंटेंट अमेरिकी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा पसंद है. अपराध से जुड़े कॉन्टेंट में रुचि देश और काल के परे है. और ये हमें ह्यूमन साइकोलॉजी के बारे में कुछ बड़ी दिलचस्प बातें बताती हैं, जिनका संबंध उन प्राचीन मनुष्यों से है, जो अफ्रीका का जंगलों से निकले और दुनिया भर में बस गए. तो आज हम आसान भाषा में अपराध की कहानियों में आदिम रुचि को समझेंगे. इस वीडियो में जानेंगे कि अपराधों की कहानियां सुनने में हमें इतनी दिलचस्पी क्यों होती है? हमारा दिमाग इस तरह के कॉन्टेंट पर कैसे रिएक्ट करता है? और क्या इन कहानियों को सुनने देखने का, कोई अनचाहा असर भी होता है?
आसान भाषा में: क्राइम की कहानियों में लोगों को इतनी दिलचस्पी क्यों होती है?
पॉडकास्ट सुनने वालों में 42% लोग ‘ट्रू क्राइम’ सुनना पसंद करते हैं
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