1903 में राइट ब्रदर्स ने पहली सफल उड़ान भरी. इसके बाद हवाई यात्रा का सिलसिला शुरू हुआ. यात्रा से लेकर युद्ध में हवाई जहाज़ देखे जाने लगे. फाइटर जेट्स के पायलट स्पीड की सीमाओं को लांघने के लिए बेताब थे. लेकिन स्पीड बढ़ाने से भयंकर टर्बुलेंस पैदा होता था. विमान की स्थिरता खतरे में आ जाती थी. स्पीड बढ़ाने की ऐसी ही कोशिशों में कई विमान दुर्घटना का शिकार हुए.साल बीतने के साथ विमानों के डिज़ाइन में बदलाव आए. नई डिज़ाइन में ज़्यादा स्पीड पर एयरक्राफ्ट को स्थिर रखा जा सकता था. 1945 बेल एयरक्राफ्ट कंपनी ने एक्स-1 नाम का मॉडल तैयार किया. ये रॉकेट इंजन से चलने वाला हवाई जहाज़ था. उस वक्त का सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट. देखिए वीडियो.
साउंड की स्पीड से भी तेज़ उड़ने वाले विमानों के पीछे की साइंस समझ लीजिए
जब कोई साउंड की स्पीड से ज़्यादा गति पर जाता है तो तब क्या होता है?
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