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वंदे भारत स्लीपर में वो सब है, जो राजधानी एक्सप्रेस में भी नहीं था, पता है कितना किराया लगेगा?

Vande Bharat Express Train: वंदे भारत भी सेमी हाई स्पीड ट्रेन होगी, जो 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. हालांकि, एहतियातन इसे 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही चलाया जाएगा.

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वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मेट्रो जैसे फीचर्स (india today)

करीब 57 साल बाद इंडियन रेलवे स्लीपर ट्रेन्स को अपग्रेड करने जा रही है. साल 1969 में प्रीमियम क्लास ट्रेन्स के तौर पर राजधानी एक्सप्रेस को लाया गया था. अब 2026 में इंडियन रेलवे वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन लेकर आ रही है जो राजधानी का अपग्रेडेड वर्जन है. ऐसी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा और गुवाहाटी के बीच चलाई जा रही है. यह ट्रेन हावड़ा से कामाख्या तक जाएगी. कामाख्या गुवाहाटी का ही एक रेलवे स्टेशन है.

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इस ट्रेन के दरवाज़े ऑटोमैटिक हैं. यानी ट्रेन रुकने पर अपने आप खुलते हैं और ट्रेन चलने से ठीक पहले अपने आप बंद हो जाते हैं. इस ट्रेन के डिज़ाइन में ‘नॉइज रिडक्शन’ पर भी ध्यान दिया गया है. ट्रेन चलते हुए भी बाहर का शोर उतना अंदर नहीं आएगा, जितना बाकी ट्रेनों में आता है. नई वंदे भारत के एक फीचर पर गौर फरमाने की जरूरत है. किसी भी इमरजेंसी की हालत के लिए बोगी के गेट के पास एक टॉक बैक फीचर दिया गया है. अगर किसी की तबीयत खराब हो रही है या कोई और असुविधा हो रही है तो आप टॉक बैक पर बात कर सकते हैं. जिन लोगों ने मेट्रो में सफर किया है, उन्होंने कुछ ऐसा ही फीचर मेट्रो ट्रेन के अंदर भी देखा होगा.

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वंदे भारत में ऑटोमेटिक दरवाजे होंगे

वंदे भारत ट्रेन साल 2019 में शुरू हुई थी. इसे शताब्दी ट्रेन को अपग्रेड करते हुए लाया गया था, जिसमें सीटिंग चेयर होती है. 

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स्पीड कितनी होगी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई है. वंदे भारत भी सेमी हाई स्पीड ट्रेन होगी, जो 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. हालांकि, एहतियातन इसे 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही चलाया जाएगा. इस स्पीड का अंदाजा ऐसे लगाइए कि राजधानी एक्सप्रेस की एवरेज रफ्तार 80-90 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
बाकी ट्रेनों से अलग

रफ्तार के साथ-साथ वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने की कोशिश की गई है. क्योंकि स्लीपर ट्रेन्स लंबी दूरी का सफर तय कराती हैं इसलिए यात्रियों को बैठने और लेटने में असुविधा न हो इसके लिए सीट्स को बेहतर बनाने की कोशिश की गई है. सीटें ज्यादा कुशन्ड हों, ज्यादा आरामदायक हों, इस बात का ध्यान दिया गया है. वंदे भारत की सीट्स में एक अंतर और दिखेगा. अब तक ट्रेन्स में लाल या नीले रंग की सीटें होती थी लेकिन वंदे भारत ट्रेन में पीले और ग्रे रंग की सीटें होंगी.

इसके अलावा अपर बर्थ और मिडिल बर्थ पर जाने के लिए जो सीढ़ियां होती हैं, उसका डिजाइन भी बेहतर किया गया है. अब तक जितनी भी ट्रेनें देश में चल रही हैं, उनमें मेटेलिक पाइप्स की सीढ़ियां होती हैं. लेकिन वंदे भारत में सीढ़ियां अलग तरह की दिखेंगी, जिसमें ज्यादा बेहतर ग्रिप मिलेगी.

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आप वंदे भारत के स्विच बोर्ड पर नज़र डालेंगे तो वो भी आपको थोड़ा नए तरह के दिखेंगे. हर सीट पर रीडिंग लाइट मिलेगी. हर सीट पर थ्री पिन चार्जिंग पोस्ट मिलेगा. यूएसपी केबल पोर्ट मिलेगा. टाइप सी पोर्ट भी मिलेगा. लेकिन बिलकुल नया. वंदे भारत ट्रेन में आपको AC का डक्ट भी दिखेगा. सेंट्रलाइज्ड एसी के अलावा हर सीट पर एसी डक्ट दिया गया है, जिससे आप टेंपरेचर खुद भी मैनेज कर सकते हैं.

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वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के फीचर्स (india today)

वंदे भारत ट्रेन कवच सिस्मट से लैस होगी. कवच ट्रेन को दुर्घटना से बचाता है. ओवर स्पीडिंग नहीं होने देता. अगर किसी भी गलत वजह से अगर एक ही पटरी पर दो ट्रेने आ जाएं तो कवच सिस्टम आमने-सामने की टक्कर से बचाता है.

टिकट का दाम

बहरहाल, वंदे भारत में सुविधाएं ज्यादा हैं तो टिकट के दाम भी ज्यादा देने होंगे. वंदे भारत का टिकट राजधानी एक्सप्रेस से भी महंगा होगा. इस ट्रेन में 400 किलोमीटर से कम की दूरी का टिकट नहीं मिलेगा और दाम की बात करें तो मोटामाटी एक हजार किलोमीटर के सफर लिए वंदे भारत में अगर आप थर्ड AC का टिकट लेंगे तो 2400 रुपये चुकाने होंगे. सेकेंड AC का टिकट लेंगे तो 3100 रुपये और अगर आप एक हजार किलोमीटर के लिए फर्स्ट एसी का टिकट लेते हैं तो आपको 3800 रुपये चुकाने होंगे. इसके लिए जीएसटी अलग से देना होगा.

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वंदे भारत स्लीपर में शौचालय

ये वंदे भारत ट्रेन हावड़ा से कामाख्या तक जाएगी. जिसके बीच की दूरी 1000 किलोमीट से ज्यादा है. इस रूट पर जो सबसे महंगी ट्रेन है वो है सराएघाट एक्सप्रेस. सरायघाट एक्सप्रेस में थर्ड एसी की टिकट 1410 रुपये हैं.  सेकेंड एसी के लिए 1985 रुपये का टिकट है और फर्स्ट एसी के लिए 3320 रुपये का टिकट है. यानी वंदे भारत के लिए थर्ड एसी और सेकेंड एसी के टिकट में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है.

चुनावी राज्यों में दौड़ेगी ट्रेन

बता दें कि 1969 में पहली राजधानी ट्रेन चलाई गई थी. पहली राजधानी भी पश्चिम बंगाल के हावड़ा से ही चलाई गई थी जो कि दिल्ली तक जाती है. पहली वंदे भारत भी हावड़ा से चल रही है. 1969 में भी पश्चिम बंगाल में चुनाव हुए थे लेकिन तब चुनाव पहले हो गए थे. राजधानी उसके बाद चलाई थी. हालांकि, वंदे भारत चुनाव से पहले चलाई जा रही है. अगले तीन से चार महीने बाद पश्चिम बंगाल और असम दोनों राज्यों में चुनाव होने हैं.

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