इस हंगामे के दौरान एक झंडा खूब नजर आया. Confederate flag. इसकी फोटो वायरल रहीं. कई प्रदर्शनकारियों को इसे लेकर टहलते देखा गया. आखिर इस झंडे की कहानी क्या है? क्यों इसे विवादित माना जाता है.
आजादी के समय अमेरिका में 13 कॉलोनीज़ थीं. इन 13 कॉलोनीज़ का अपना रिप्रजेंटेशन था. हर कोई अपना अलग झंडा चाहता था. अगर हम इसे भारत के संदर्भ में समझें तो जैसे जम्मू-कश्मीर का अपना झंडा था, कुछ समय पहले तक. वैसा ही इन 13 कॉलोनीज़ के साथ था. इसके बाद संविधान में एक नियम बना. सहमति बनी कि हर कोई ये तय कर सकेगा कि उसके फ्लैग के अंदर कौन सा सिंबल होगा. उस तरीके से Confederate flag आया. हालांकि उसके बाद अमेंडमेंट होते रहे. अमेरिका का जो पहला झंडा था, उसका डिजाइन यही था. 13 स्टार और रेड एंड वाइट स्ट्रिप्स. इस झंडे को 1767 में ही संस ऑफ़ लिबर्टी ने अपना लिया था. अमेरिका के गृह युद्ध से नाता 1861 में अब्राहम लिंकन अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति बने. लिंकन रिपब्लिकन पार्टी से थे. उनका पहला एजेंडा abolition of slavery यानी गुलामी खत्म करना था. उस समय अमेरिका के साउथ स्टेट में गुलामी काफी डोमिनेंट तरीके से थी. ब्लैक अमेरिका में गुलाम हुआ करते थे. कई राज्य नहीं चाहते थे कि गुलामी को खत्म किया जाए. क्योंकि उनका पूरा सिस्टम उसी पर आधारित था. ऐसे में अमेरिकन सिविल वॉर हुआ. हालांकि इस गृह युद्ध की कई वजहें बताई जाती हैं, लेकिन एक वजह गुलामी भी थी. नॉर्थ के स्टेट और साउथ के स्टेट के बीच लड़ाई हुई. इस युद्ध में उत्तरी राज्य अमेरिका की संघीय एकता बनाए रखना चाहते थे, और पूरे देश से दास प्रथा हटाना चाहते थे. इस लड़ाई में कई लोग मारे गए. नॉर्थ के स्टेट ने साउथ के स्टेट्स को हरा दिया. इसके बाद अमेरिका ने एक नए झंडे को अपनाया. जिसमें यूनिटी और स्पिरिट की बात कही गई.
अमेरिका का वर्तमान झंडाकंफेडरेशन का फ्लैग 1861 के समय आया. जब अमेरिकन सिविल वॉर हुआ था, तब ये खूब लहराया गया था. राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के कार्यकाल में. तब जो रिबेलियन स्टेट थे, उन्होंने अपना झंडा यूज किया था, स्टेट ऑफ अमेरिका के खिलाफ. यह बगावत का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे लेकर एक इमोशन और सेंटिमेंट जुड़ा है. बार-बार लहराए जाते रहे हैं ये झंडे ऐसा नहीं है कि Confederate flag पहली बार लहराया गया है. कई बार विरोध प्रदर्शन में ये झंडा लहराया जाता है. इस बार के राष्ट्रपति चुनाव में भी इस झंडे की मौजूदगी रही. इसके बारे में लल्लनटॉप के US कॉरेस्पोंडेंट अविनाश कल्ला ने बताया कि नॉर्थ कैरोलाइना में इलेक्शन से पहले कई जगहों पर Confederate flag फहराए गए. कुछ जगह उन लोगों की मूर्तियां तोड़ी गईं, जो गुलामी के समर्थन में थे.
कैपिटल बिल्डिंग के अंदर कन्फ़ेडरेशन फ़ाइट और ट्रम्प के नाम का झंडा लेकर प्रदर्शन किए गए. (reuters)भले ही आधिकारिक तौर पर ना सही, लेकिन ट्रंप हमेशा से कहते आ रहे हैं कि वाइट मैजोरिटी अमेरिका में कम हो रही है. अगले 30 सालों में जो मिक्स कलर के लोग होंगे, वो अमेरिका में वाइट लोगों से ज्यादा होंगे. फिर जो 1860 का रेशियल अमेरिका था, जहां गुलामी के समर्थक Confederate flag दिखाते थे, उनके पास वो फ्लैग था. Confederate flag सिविल वॉर में भी काफी यूज हुआ था. इसे लहराकर अमेरिका में आज भी लोग वही बगावती सेंटिमेंट दिखाने की कोशिश करते हैं कि अमेरिका कितना बंटा हुआ है. इसीलिए इसे विवादित माना जाता है.




















