The Lallantop

इस सेफ्टी मंत्र ने बचाई देवताओं की जान

जब इंद्र से बृहस्पति हुए नाराज और राक्षसों को मिल गया मौका अटैक का.

Advertisement
post-main-image
img - thelallantop
स्वर्ग का राजा होने की वजह से इंद्र का नेम और फेम बढ़ता ही जा रह था. इसी बात का उनको घमंड हो गया. दिन भर सभी देवता व्हिस्की-वाइन पीते, और एंटरटेनमेंट करते. देवता हो या इंसान, घमंड से होता सर्वनाश ही है. उनकी महफिल में बृहस्पति आए. पर हाय-हेलो करना तो दूर की बात, इंद्र अपनी जगह से हिले भी नहीं. बृहस्पति गुस्सा पी गए और चुपचाप चले गए. थोड़ी देर बाद इंद्र को रियलाइज हुआ कि बड़ी भारी मिस्टेक हो गई है. वो बृहस्पति को ढूंढ़ते हुए उनके घर गए. वहां पता चला कि वे तो कहीं चले गए हैं. इंद्र को लगने लगे गिल्ट के झोंके. पर इससे पहले वो कुछ कर पाते, राक्षसों को खबर लग गई कि इंद्र के पास से बृहस्पति का सपोर्ट खत्म हो गया है. उन्होंने लगाया मौके पर चौका और कर दिया धरती पर अटैक. इंद्र बाकी सारे देवताओं के साथ ब्रह्मा जी के पास हेल्प के लिए. ब्रह्मा ने कहा: त्वष्टा के बेटे विश्वरूप ही आपकी मदद कर सकते हैं. सभी देवता गए विश्वरूप के पास जो फटाफट हेल्प करने के लिए तैयार हो गए. विश्वरूप ने उन्होंने नारायण कवच, बोले तो एक सेफ्टी मन्त्र दिया जो था 'ओम् नमो नारायण'. इस मंत्र से इंद्र और सभी देवता लड़ाई में जीत गए और स्वर्ग मिल गया वापस. (श्रीमद्भागवत महापुराण)

Advertisement
Advertisement