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ट्रंप के साइबर चीफ ने ChatGPT में डाल दी संवेदनशील फाइलें, जानिए कौन हैं मधु गोट्टुमुक्कला?

ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन AI को प्रमोट कर रहा है, लेकिन सिक्योर तरीके से. लेकिन ये घटना AI गवर्नेंस पर सवाल उठाती है.

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डॉक्टर मधु गोट्टुमुक्कला भारतीय मूल के हैं और ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन में CISA के सबसे सीनियर पॉलिटिकल ऑफिशियल हैं. (फोटो- X)

अमेरिका की साइबर सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) के अंतरिम प्रमुख (Acting Director) डॉक्टर मधु गोट्टुमुक्कला ने सिक्योरिटी एजेंसी की खटिया खड़ी कर दी. मधु ने ChatGPT के पब्लिक वर्जन में संवेदनशील सरकारी डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर दिए. ये डॉक्यूमेंट्स "For Official Use Only" (FOUO) मार्क वाले थे. यानी ये संवेदनशील हैं और पब्लिक में रिलीज नहीं होने चाहिए थे.

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मधु गोट्टुमुक्कला कौन हैं, और किन डॉक्यूमेंट्स को लेकर अमेरिका में हलचल मची है? सब कुछ विस्तार से जानते हैं.

CISA अमेरिका की मुख्य एजेंसी है जो फेडरल नेटवर्क्स को साइबर हमलों (रूस, चीन जैसे देशों से) से बचाती है. ChatGPT (OpenAI का टूल) DHS (Department of Homeland Security) के ज्यादातर कर्मचारियों के लिए ब्लॉक था, क्योंकि इसमें डेटा लीक होने का खतरा रहता है. अपलोड किया गया डेटा OpenAI के साथ शेयर होता है और 700 मिलियन+ यूजर्स के प्रॉम्प्ट्स से ट्रेन हो सकता है.

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गोट्टुमुक्कला ने मई 2025 में CISA जॉइन करने के तुरंत बाद ही CISA के Chief Information Officer से स्पेशल परमिशन मांगी और वो मिल भी गई. ये परमिशन शॉर्ट-टर्म और लिमिटेड बताई गई. Politico की रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त 2025 में अपलोड के बाद CISA के सिक्योरिटी सेंसर्स ने कई बार अलर्ट दिए. चार DHS अधिकारियों ने Politico को बताया कि ये अपलोड्स मल्टीपल थे और सिस्टम ने उन्हें ‘सरकारी मटेरियल की चोरी या अनइंटेंशनल डिस्क्लोजर’ रोकने के लिए फ्लैग किया गया.

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गोट्टुमुक्कला ने मई 2025 में CISA जॉइन करने के तुरंत बाद ही CISA के Chief Information Officer से स्पेशल परमिशन मांगी और वो मिल भी गई.

DHS ने इंटरनल रिव्यू शुरू किया ताकि देखा जा सके कि इससे कितना नुकसान हुआ है. रिव्यू का नतीजा पब्लिक नहीं है. CISA की तरफ से पब्लिक अफेयर्स डायरेक्टर Marci McCarthy ने कहा,

"एक्टिंग डायरेक्टर डॉक्टर मधु गोट्टुमुक्कला ने ChatGPT आखिरी बार जुलाई में इस्तेमाल किया था, वो भी authorized temporary exception के तहत. CISA डिफॉल्ट रूप से ChatGPT ब्लॉक रखती है, जब तक एक्सेप्शन न मिले."

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क्यों है ये विवादास्पद?

CISA का काम ही साइबर रिस्क कम करना है. लेकिन उसका ही एक्टिंग हेड पब्लिक AI टूल में संवेदनशील फाइल्स डाल दे, ये बहुत बड़ा आईरनी है. FOUO मार्क वाले डॉक्यूमेंट्स क्लासिफाइड नहीं होते, लेकिन संवेदनशील होते हैं. इन्हें अपलोड करने से वो OpenAI के डेटाबेस में जा सकते हैं, और किसी भी यूजर के प्रॉम्प्ट से लीक हो सकते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार DHS में DHSChat जैसे सिक्योर AI टूल उपलब्ध हैं, जो डेटा फेडरल नेटवर्क से बाहर नहीं जाने देते. फिर भी गोट्टुमुक्कला ने पब्लिक ChatGPT यूज किया. एक DHS अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर Politico को बताया,

"गोट्टुमुक्कला ने CISA पर दबाव डाला कि उन्हें ChatGPT दें, और फिर इसका दुरुपयोग किया."

ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन AI को प्रमोट कर रहा है, लेकिन सिक्योर तरीके से. ये घटना AI गवर्नेंस पर सवाल उठाती है.

गोट्टुमुक्कला का बैकग्राउंड और अन्य विवाद

डॉक्टर मधु गोट्टुमुक्कला भारतीय मूल के हैं और ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन में CISA के सबसे सीनियर पॉलिटिकल ऑफिशियल हैं. मई 2025 में DHS सेक्रेटरी क्रिस्टी नियोम ने उन्हें डिप्टी डायरेक्टर बनाया. और तब से वो एक्टिंग डायरेक्टर हैं. परमानेंट डायरेक्टर के लिए ट्रंप के नॉमिनी Sean Plankey को सीनेटर Rick Scott ने ब्लॉक कर दिया, इसलिए गोट्टुमुक्कला ही टॉप पर हैं.

इससे पहले उनसे जुड़ा एक और विवाद सामने आया था. गोट्टुमुक्कला ने खुद counterintelligence polygraph टेस्ट पुश किया, लेकिन फेल हो गए. DHS ने इसे "unsanctioned" कहा. इसके बाद कम से कम छह करियर CISA स्टाफ को लीव पर भेजा गया, लेकिन गोट्टुमुक्कला पर कोई एक्शन नहीं.

हाल ही में उन्होंने CISA के CIO Robert Costello को हटाने की कोशिश की, लेकिन पॉलिटिकल अपॉइंटीज़ ने ये ब्लॉक कर दिया. कांग्रेस टेस्टिमनी में बेनी थॉम्पसन ने पॉलीग्राफ फेलियर पर भी सवाल उठाए, तो गोट्टुमुक्कला ने कहा कि वो उनकी बात स्वीकार नहीं करते.

थॉम्पसन ने स्टेटमेंट दिया,

"ये रिपोर्ट्स दिखाती हैं कि गोट्टुमुक्कला FOUO इन्फॉर्मेशन ChatGPT में डाल रहे थे, और पहले पॉलीग्राफ में भी फेल हो गए. वो या तो दिमाग से ठीक नहीं हैं, या लीड करने के लिए अनफिट हैं. सेक्रेटरी नियोम और उनकी टीम DHS की विश्वसनीयता को भी तोड़ रहे हैं."

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मधु गोट्टुमुक्कला भारतीय मूल के हैं और ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन में CISA के सबसे सीनियर पॉलिटिकल ऑफिशियल हैं.
रिस्क क्या हैं?

सिक्योरिटी रिस्क: अगर संवेदनशील कॉन्ट्रैक्ट डिटेल्स लीक होती हैं, तो हैकर्स या विदेशी एजेंट्स इसका फायदा उठा सकते हैं. इसीलिए CISA खुद फेडरल नेटवर्क्स की रक्षा करती है.

AI पॉलिसी पर असर: ट्रंप के AI Executive Order से सरकार में AI यूज बढ़ रहा है, लेकिन ये घटना दिखाती है कि पब्लिक टूल्स का यूज कितना खतरनाक हो सकता है. DHS अब सिक्योर अल्टरनेटिव्स (जैसे DHSChat) पर फोकस कर रहा है.

लीडरशिप पर सवाल: गोट्टुमुक्कला की कई गलतियां (polygraph, CIO अटेम्प्ट, ChatGPT) से CISA के अंदर मनोबल और ट्रस्ट कम हो सकता है.

पॉलिटिकल एंगल: ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन में CISA पहले से ही विवादों में रहा है. जैसे चुनाव की सिक्योरिटी के मुद्दे पर. ये नई घटना डेमोक्रेट्स को सवाल उठाने का मौका दे रही है.

CISA की ऑफिशियल पोजिशन

CISA ने कहा कि वो AI को इस्तेमाल करने के लिए कमिटेड है और ट्रंप के ऑर्डर के मुताबिक सब करने पर फोकस कर रही है. लेकिन डिफॉल्ट पॉलिसी ChatGPT ब्लॉक रखने की है. DHS नियम 11042.1 के तहत FOUO एक्सपोजर की जांच होती है. इसके तहत लिए जाने वाले एक्शन तय होती है.

मधु गोट्टुमुक्कला कौन हैं?

डॉक्टर मधु गोट्टुमुक्कला भारतीय मूल के एक अनुभवी IT और साइबरसिक्योरिटी एक्सपर्ट हैं. फिलहाल वो अमेरिका की Cybersecurity and Infrastructure Security Agency (CISA) के एक्टिंग डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर हैं. CISA DHS के अंदर आती है और अमेरिका के क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (साइबर और फिजिकल) को रिस्क से बचाने की जिम्मेदारी निभाती है.

CISA की वेबसाइट के मुताबिक गोट्टुमुक्कला की एजुकेशन इस प्रकार है:

- PhD Information Systems में, डकोटा यूनिवर्सिटी से.
- MBA Engineering and Technology Management में यूनिवर्सिटी ऑफ डलास से.
- MS Computer Science में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास से.
- BE Electronics and Communication Engineering में आंध्र यूनिवर्सिटी से.

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मधु गोट्टुमुक्कला भारतीय मूल के एक अनुभवी IT और साइबरसिक्योरिटी एक्सपर्ट हैं. 

गोट्टुमुक्कला का करियर 24 साल से ज्यादा कहा है, जिसमें पब्लिक और प्राइवेट दोनों सेक्टर शामिल में काम शामिल है. उन्होंने वायरलेस, टेलीकॉम, यूनिफाइड कम्युनिकेशंस, और हेल्थ टेक्नोलॉजी में काम किया है.

CISA जॉइन करने से पहले गोट्टुमुक्कला साउथ डकोटा के के Bureau of Information and Technology के कमिश्नर और चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर थे. वो साउथ डकोटा के दूसरे चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर भी रहे.

राज्य स्तर पर टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी इनिशिएटिव्स को लीड किया. लेगेसी सिस्टम्स को रिप्लेस कर मॉर्डनाइजेशन पर फोकस किया, और नई टेक्नोलॉजीज भी अपनाई. वो डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ बिजनेस एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम्स की एडवाइजरी कमेटी में भी हैं.

मई 2025 में ट्रंप प्रशासन में DHS सेक्रेटरी क्रिस्टी नियोम ने उन्हें CISA Deputy Director बनाया. तब से वो एक्टिंग डायरेक्टर हैं, क्योंकि परमानेंट नॉमिनी Sean Plankey सीनेट में ब्लॉक हो गए. वो CISA के सबसे सीनियर पॉलिटिकल अपॉइंटी हैं.

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