ये तो सबको पता है कि भगवान ने कृष्ण के रूप में इंसान बनकर जन्म लिया था. लेकिन इसके पीछे की कहानी कम लोग जानते हैं.
दरअसल उस समय पृथ्वी पर बड़े हिटलर टाइप राजा होने लगे थे. इस बात से पृथ्वी को बड़ा सैड फील होता था कि इतने नीच टाइप के लोग उस पर रहें और उसका दिया अनाज-पानी ठूसें. तो पृथ्वी ने गाय का रूप लिया और गई ब्रह्मा जी के पास. रोने लगी. बोली इन चालू लोगों का कुछ करिए. भगवान ब्रह्मा को बड़ी सिम्पथी हुई. वो गइया बनी धरती और शंकर जी को लेकर चले भगवान विष्णु के पास. वहीं ब्रह्मा जी को एक तड़कती भड़कती आकाशवाणी सुनाई दी.
ब्रह्मा जी स्वर्ग में वापस आए. देवताओं की मीटिंग बुलाई और सबको कह दिया कि भगवान खुद सारे पापियों का नाश करने धरती पर जन्म लेने वाले हैं. ये जन्म होगा यदुवंश में. वो लीलाएं करेंगे और उनकी एक महबूबा होगी. इस तरह सारे देवताओं के कृष्ण की हेल्प के लिए और देवांगनाओं ने राधा की सेवा के लिए धरती पर जन्म लिया.
स्रोतः श्रीमद्भागवत महापुराण





















