फोन उठाते ही बॉस ने अपनी फायरिंग शुरू कर दी. वो "यस सर!" कहते-कहते अब मन ही मन मुस्कुराने लगा. उसे अचानक से किसी बात का कोई फर्क पड़ना बंद हो गया. बॉस दूसरी तरफ कोई असर न पड़ता देख अपनी आवाज और कड़क और तेज कर बोलने लगा. उसने पीठ पीछे टिकाई और एकदम तल्लीनता से सुनना शुरू कर दिया. वो एकदम चुपचाप सुन रहा था. उसे अब ये अहसास हो गया था कि आज दुनिया को कोई भी शक्ति उसका बाल भी बांका नहीं कर सकती थी. फोन रखते-रखते उसकी मुस्कुराहट और बड़ी हो गयी. ऑफिस में बॉस का कॉल आने पर वो अपनी सीट पर एक दम सीधा बैठ जाता था लेकिन वो आज लेटे-लेटे ही बॉस को निपटा रहा था. बॉस के फोन के बाद फिर से एक आंसू आंखों के किनारे से निकल कर उसके लेटे होने के कारण उसके कान तक पहुंच रहा था. ये आंसू डर की वजह से नहीं थे बल्कि दुनिया में सबसे ज्यादा सुरक्षित होने के अहसास की खुशी के थे या आज अपनी मां के साथ बिताये गये दिन की वजह के थे. वो अब सो रहा है. हवा में अखबार अभी भी वैसे ही उड़ रहा है. फोन वाईब्रेट कर रहा है. अबकि बार उसके बॉस के बॉस का कॉल है. बज बज कर कट गया. वो इन सबसे बेखबर अपनी मां के साथ सो रहा है. उसके बॉस को क्या पता कि वो आज ऐसी जगह है जहां उसे हरा नहीं सकता. वो जीता हुआ है. वो अपनी मां के साथ है. वो दूसरी तकिया पर हाथ रखके सो रहा था. शायद वो मां के मुंह में जाते हुए उनके बाल हटा रहा था. वो ऐसा अक्सर करता था. जब उसकी मां गहरी नींद में होती थी और बाल मुंह में अटक सा जाया करता था. उसके हाथ अभी भी वैसे ही तकिया पर थे. दुनिया का सबसे सुरक्षित आदमी गहरी नींद में सो चुका था.
अभी वो एक पतली सी चादर में लिपटा लेटा हुआ सब कुछ वैसा ही सोच रहा है जैसा उस समय सोचा करता था. ऊपर पंखा उसी तरह चल रहा था जैसे तब चलता था. बगल में अखबार बिखर कर इधर-उधर उड़ रहा था. अब सब वैसा ही था जैसा तब था जब वो अपनी मां के पास चटाई पर सोता था. उसने इससे ज्यादा सुरक्षित कभी महसूस नहीं किया. पास ही रखा उसका फोन बार-बार वाईब्रेट कर रहा था. वो उस पर आज कोई ध्यान नहीं दे रहा था. फोन आ रहे थे, अपने आप बंद हो जा रहे थे. अब उसके बॉस का कॉल आ रहा है. एक बार को उसने फोन न उठाने की सोची, लेकिन फिर उसने फ़ोन उठा लिया.
इसे लिखने वाले हैं लल्लन टॉप के दोस्त हिरदेश कुमार गोस्वामी. UPPCL में काम करते हैं. बिजली सप्लाई करते हैं. नई-नई गाड़ी चलानी सीखी है तो कहीं भी कभी भी पेट्रोल भरा के निकल पड़ते हैं. क्रिकेट के बहुब्बड़े शौकीन हैं और टाइम निकाल के इधर-उधर फ़ेसबुक वगैरह पर लिख भी देते हैं.












इसे लिखने वाले हैं लल्लन टॉप के दोस्त हिरदेश कुमार गोस्वामी. UPPCL में काम करते हैं. बिजली सप्लाई करते हैं. नई-नई गाड़ी चलानी सीखी है तो कहीं भी कभी भी पेट्रोल भरा के निकल पड़ते हैं. क्रिकेट के बहुब्बड़े शौकीन हैं और टाइम निकाल के इधर-उधर फ़ेसबुक वगैरह पर लिख भी देते हैं.











