पहली स्त्री ने पार्टनर पाने को 10 हजार साल तक की तपस्या
भगवान ब्रह्मा ने इंसान को बहुत बाद में पैदा किया. यहां तक कि पक्षी भी मनुष्य से पहले इस दुनिया में आया. पहली स्त्री थी शतरूपा.
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भगवान ब्रह्मा ने इंसान को बहुत बाद में पैदा किया. यहां तक कि पक्षी भी इंसान से पहले इस दुनिया में आया. भगवान ब्रह्मा ने पहले दो लोक बनाए, उनके बीच में आकाश बैठाया और फिर 6 भाव और 7 प्रजापति बनाए. इसके बाद उन्होंने अपने रोष से रुद्र को प्रकट किया. फिर पूर्वजों के भी पूर्वज सनत्कुमार जी को पैदा किया. इसके बाद ब्रह्मा ने बिजली, वज्र, बादल, रोहित, इंद्रधनुष और पक्षी बनाए. फिर यज्ञों की सिद्धि के लिए ऋगवेद, यजुर्वेद और सामवेद बनाया. लेकिन प्रजा की सृष्टि करते रहने के बाद भी उनकी पॉपुलेशन नहीं बढ़ रही थी. तब प्रजापति अपने शरीर के दो हिस्से करके आधे से पुरुष और आधे से स्त्री हो गए. पुरुष का नाम 'मनु' हुआ जिसे हिंदू धर्मग्रंथों में दुनिया का पहला पुरुष माना गया है. स्त्री का नाम था शतरूपा. लेकिन मनु और शतरूपा का मिलन इत्ती आसानी से नहीं हुआ. इश्क तब भी आग का दरिया रहा होगा. तभी तो शतरूपा ने 10 हजार, जी हां पूरे टेन थाउजेंड ईयर्स तक कड़ी तपस्या की, तब जाकर उसे मनु के रूप में पति मिला. मनु के नाम पर ही उस पूरे युग को मन्वंतर काल कहा गया. (स्रोत: ब्रह्मपुराण, गीता प्रेस, पेज: 11)
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