स्थावर, कीट, पानी में रहने वाले पक्षी, पशु, मनुष्य, धर्मात्मा, देवताऔर मोक्षप्राप्त महात्मा- इन लोगों को क्रमश: एक से दूसरे सौ गुना श्रेष्ठ माना गया है.नरक कई तरह के हैं, जिनमें से कुछ का ब्योरा हम यहां दे रहे हैं. जानिए किस काम पर मिलता है कौन सा नरक: 1. कृमिपूय नरक - लाख, मांस, रस, तिल और नमक बेचने वाला ब्राह्मण - अकेले मिठाई खाने वाला - बिल्ली, मुर्गा, बकरा, कुत्ता, सुअर और चिड़िया पालने वाला 2. रुधिरांध नरक - रंगमंच पर नाचकर कमाई करने वाला ब्राह्मण - पर्व के दिन स्त्री से संभोग करने वाला ब्राह्मण - नाव चलाने, दूसरों को जहर देने, चुगली खाने और भैंस से जीविका कमाने वाला ब्राह्मण - दूसरों के घर में आग लगाने, मित्रों की हत्या करने, शकुन बताकर पैसे ऐंठने, गांव भर की पुरोहिती करने और शराब बेचने वाला ब्राह्मण 3. कृच्छु नरक - वीर्यपान करने, मर्यादा तोड़ने, अपवित्र रहने और बाजीगरी से जीविका कमाने वाला 4. श्वभोजन नरक - ब्रह्मचारी होकर दिन में सोने और सपने में वीर्यपात (नाइटफॉल) करने वाला 5. रौरव नरक - भ्रूण हत्या, गुरु हत्या, गोहत्या और दूसरों की सांस रोककर मार डालने पर 6. तप्तकुंभ नरक - क्षत्रिय, वैश्य की हत्या करना, गुरुपत्नी से अफेयर, बहन से दुराचार औराजदूत की हत्या 7. तप्तलोह नरक - शराब या शेर को बेचना, अपने भक्त का त्याग 8. महाज्वाल नरक - बेटी या बहू से समागम करने वाला 9. शबल नरक - गुरुजनों का अपमान, गालियां देना, वेदों को दूषित करना, वेदों को बेचना या अगम्या स्त्रियों के साथ समागम करना 10. अधोमुख नरक - यज्ञ के अनधिकारियों से यज्ञ करवाना, केवल नक्षत्र बताकर जीविका चलाना (Source: ब्रह्मपुराण ) ये स्टोरी कुलदीप ने की थी।
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