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राक्षसों को खत्म करने में लगे थे पाराशर, दादू वशिष्ठ ने मनाया

दादू वसिष्ठ के डायलॉग से कूल डाउन हुए पाराशर.

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फोटो - thelallantop
ऋषि वशिष्ठ के बेटे थे शक्तिमुनि, जिनकी सुपारी ऋषि विश्वामित्र ने एक राक्षस को दे दी थी और वो राक्षस शक्तिमुनि को डिनर बनाकर खा गया था. बोले तो 'eat till death'. शक्तिमुनि के बेटे पाराशर को जब यह पता चला तो वो 'फीलिंग एंग्री' हो गए. राक्षसों को तबाह करने के लिए उन्होंने एक यज्ञ शुरू कर दिया. सैकड़ों राक्षस मिनटों में जलकर RIP हो लिए. ये सब देखकर पाराशर के दादा वशिष्ठ से रहा न गया. उन्होंने संस्कृत भाषा में जो कहा, उसका सार ये था कि बेटे पाराशर इत्ता गुस्सा न करो, कूल डाउन हो जाओ. गलती राक्षसों की नहीं है. तुम्हारे डैडी के साथ यही होना था. गुस्सा गदहे करते हैं और तुम तो इंटलैक्चुएल हो. ग्रांडसन पराशर को संबोधित करते हुए दादू वशिष्ठ बोले कि इंटलैक्चुएल्स से भला कोई जीत पाया है. आदमी खुद के बोए लफड़े के बवाल को भोगता है. बाकी सब माया है. इसलिए तुम ज्यादा सेंटी होकर आग न उगलो. गुस्से को खुद पर टेकओवर न करने दो. राक्षसों का पीछा छोड़ो अब और किसी भले काम में जुटो. ग्रैंडपा वशिष्ठ की बात सुनकर पाराशर ठंडे पड़े और यज्ञ खत्म कर बोले- ओके. डन दादू. विद रिगार्ड्स पराशर. (विष्ण पुराण. अध्याय 1. प्रथम अंश)

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