मौका था शादी का. सुंदर लहंगे और इंडियन जूलरी से सजी दुल्हन. माथे पर लटकता मांग टीका. होठों पर मुस्कान वुस्कान नहीं, पूरी खिलखिलाहट. आंखों पर एविएटर्स. यह मॉडर्न बहू जब 'बुलेट' पर हाथ लहराते हुए ससुराल विदा हुई तो दुनिया इस अदा पर फिदा हो गई. मां-बाप ने नाम भी क्या खूब शायरी सरीखा था - गुल पनाग.
बुलेट से अपनी शादी में पहुंचने वाली गुल पनाग को हैप्पी बर्थडे
गुल के डिंपल इतने खूबसूरत कि कद्रदानों की आंखें पनाह मांगने लगें.


इस गुल के डिंपल इतने खूबसूरत कि कद्रदानों की आंखें पनाह मांगने लगें. हंसी इतनी सरल कि बुतफरोश उसे अपना 'ऑब्जेक्ट' बनाना चाहें. गुल पनाग 3 जनवरी को ही पैदा हुई थीं. बताते हैं आपको उनके बारे में कुछ दिलचस्प बातें.
1) 37 साल की गुल पनाग का असली नाम है गुलकीरत कौर पनाग. उनके पिता भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल रहे.
2) पिता की पोस्टिंग की वजह से उनका बचपन कई शहरों में बीता. पंजाब के संगरूर से पढ़ाई शुरू हुई, जो चंडीगढ़, म्हो, लेह, वेलिंग्टन और तमिलनाडु में पूरी हुई. फिर पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स किया. स्कूली समय से ही वह पब्लिक स्पीकिंग और डिबेट में रवां हो गई थीं.
3) 1999 में गुल ने मिस इंडिया टाइटल जीत लिया और मिस ब्यूटिफुल स्माइल का ताज भी उन्हीं के हिस्से आया.
4) 2003 में आई फिल्म 'धूप' से उन्होंने करियर शुरू किया. उनकी कुछ फिल्में हैं- 'डोर', 'मनोरमा सिक्स फीट अंडर', 'हेलो', 'स्ट्रेट' और 'अब तक छप्पन 2'. पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में उन्होंने 'सरसा' से डेब्यू किया.
5) गुल पनाग बॉलीवुड में खास कमाल नहीं कर सकीं. लेकिन अपने बिंदास अंदाज और क्यूट डिंपल्स से लोग उन्हें पहचान जरूर गए. गुल सोशल एक्टिविस्ट के तौर पर भी काम करती रहीं. गुल ने यूपीए सरकार के समय हुए भ्रष्टाचार विरोधी 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन में भी हिस्सा लिया. उनका अपना एनजीओ है जो स्त्री-पुरुष भेद, शिक्षा और डिजास्टर मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करता है.
6) 2010 में दिल्ली हाफ मैराथन में उनसे कथित रूप से छेड़छाड़ की गई. इसके बाद उन्होंने कहा था कि राजधानी के पुरुषों को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है और यह शहर महिलाओं के लिए असुरक्षित है. गुल पनाग कभी कभी सामाजिक विषयों पर बोलने के लिए न्यूज चैनलों पर बुलाई जाने लगीं.
7) ग्लैमर और सोशल एक्टिविज्म के कॉकटेल वाला उनका व्यक्तित्व पॉलिटिक्स के लिए उपयोगी था. 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में हैरतअंगेज कामयाबी हासिल करके अरविंद केजरीवा की आम आदमी पार्टी (AAP) ने पूरे देश में धमक के साथ एंट्री ली थी. 2014 के लोकसभा चुनाव, जो नरेंद्र मोदी की PM उम्मीदवारी के चलते पहले ही सरगर्मी पकड़ चुका था, AAP से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी. प्रत्याशियों के लिए चेहरे खोजे जा रहे थे. पार्टी ने चंडीगढ़ लोकसभा से गुल पनाग को उम्मीदवार बना दिया. दिलचस्प बात ये है कि 2014 में गुल ने 'नमो फॉर पीएम' का ट्वीट करके मोदी का समर्थन किया था.
https://twitter.com/gulpanag/status/429101519237951489 https://twitter.com/GulPanag/status/6463596010848952328) गुल पनाग अब राजनेता और लोकसभा प्रत्याशी बन चुकी थीं. बुलेट पर उन्होंने पूरे चंडीगढ़ में खूब प्रचार किया और नौजवान वोटरों को लुभाने की कोशिश की. लेकिन नतीजों ने उन्हें निराश किया. वह बीजेपी की किरण खेर और कांग्रेस के पवन बंसल के बाद तीसरे नंबर पर रहीं. उन्हें 1,08,679 वोट मिले. इस तरह वह लोकसभा चुनाव लड़ने वाली पहली मिस इंडिया बनीं.
9) गुल रियल लाइफ में अपने बिंदास अंदाज, बाइक प्रेम और क्यूट डिंपल्स के लिए जानी जाती हैं. 13 मार्च 2011 को उन्होंने अपने लॉन्गटाइम बॉयफ्रेंड पायलट ऋषि अत्री से शादी की. शादी के बाद वह बुलेट पर विदा हुईं. जाहिर है बुलेट को ऋषि अत्री चला रहे थे और गुल साथ में सटी साइड कार में बैठी थीं. जय-वीरू वाले स्टाइल में. ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब शेयर की गईं. गुल की बारात में भी कारें नहीं, बुलेट ही बुलेट थीं.
https://twitter.com/GulPanag/status/66327550838219980810) बिहार चुनाव में महागठबंधन की जीत पर गुल पनाग ने ट्वीट करके बधाई दी. सामाजिक और राजनीतिक मसलों पर वह खुलकर ट्वीट करती हैं. AAP में केजरीवाल के बाद सबसे ज्यादा फॉलोअर (1.47 मिलियन) उन्हीं के हैं. जाहिर है 2017 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में वह अपनी बड़ी भूमिका देख रही होंगी. जाहिर है अभी, मौसम-ए-गुल खिला हुआ है और मुस्कुराने की वजह बाकी है.
https://www.youtube.com/watch?v=Pr_VjJspOZY





















