The Lallantop

गुजरात BJP चीफ ने राहुल-प्रियंका पर वो कहा, जिसे मुद्दा बनाकर कांग्रेस चुनाव जीत जाए!

मां के दूध की बात...

Advertisement
post-main-image
जीतू वघाणी गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष हैं. उन्होंने राहुल और प्रियंका गांधी की कमांडो सिक्यॉरिटी पर ताना कसा है. वघाणी फोटो में दाहिनी तरफ हैं. उनकी ये तस्वीर हमने उनके फेसबुक अकाउंट से ली है.
जीतू वाघाणी. गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष हैं. उन्होंने राहुल और प्रियंका गांधी को लेकर दो-शब्द कहे हैं. ये कि-
वो कमांडो से घिरे रहते हैं. वो कमांडो के घेरे में ही पैदा हुए. कमांडो की सिक्यॉरिटी में ही मां का दूध पिया.
जीतू कहां बोल रहे थे, क्या बोल रहे थे? ये बात हुई थी 27 जनवरी को. जीतू पहुंचे थे पाटण. वहां राधनपुर जगह है. बीजेपी युवा मोर्चा का सम्मेलन था यहां. जीतू दे रहे थे भाषण. बोले, महागठबंधन तो बंदरों का झुंड है. इसमें ऐसे लोग हैं, जो बैंगन को आलू बोलते हैं और आलू को मिर्च कहते हैं. ऐसे लोग प्रधानमंत्री को हराने के लिए साथ हुए हैं. लेकिन जैसे ही कांग्रेस PM पद के लिए राहुल गांधी की दावेदारी रखेगी, सारे बंदर अलग हो जाएंगे. इंदिरा गांधी जब मारी गईं, तब वो PM पद पर थीं. उनकी हत्या के एक साल बाद SPG बनाया गया. ये इंदिरा का शव है (फोटो: इंडिया टुडे आर्काइव्ज)
इंदिरा गांधी जब मारी गईं, तब वो PM पद पर थीं. उनकी हत्या के एक साल बाद SPG बनाया गया. ये इंदिरा का शव है (फोटो: इंडिया टुडे आर्काइव्ज)

कब और क्यों बना SPG?  जीतू नए आए हैं कहीं से? उनको नहीं पता क्या कि गांधी परिवार को कमांडो सिक्यॉरिटी क्यों मिली हुई है? इंदिरा गांधी को गोलियों से भून दिया गया था. उनके प्रधानमंत्री रहते हुआ था ये. PMO कॉम्प्लेक्स के अंदर. इस वारदात के बाद ही 1985 में SPG (स्पेशल प्रॉटेक्शन ग्रुप) बनाया गया. इसका काम था प्रधानमंत्री और उसके परिवार की सुरक्षा. फिर मई 1991 में राजीव गांधी के चीथड़े उड़ा दिए लिट्टे ने. शरीर कहने लायक हिस्सा तक नहीं बचा था. मांस के लोथड़ों का अंतिम संस्कार हुआ. राजीव गांधी की जब हत्या हुई, तब वो सत्ता में नहीं थे. उनकी SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) सुरक्षा हटा ली गई थी. ऐसा ही नियम था तब.
ये राजीव के शरीर के टुकड़े रखे हैं. पास में सफेद साड़ी पहने सोनिया हैं. राजीव की हत्या के बाद SPG ऐक्ट में बदलाव किया गया था (फोटो: इंडिया टुडे आर्काइव्ज़)
ये राजीव के शरीर के टुकड़े रखे हैं. पास में सफेद साड़ी पहने सोनिया हैं. राजीव की हत्या के बाद SPG ऐक्ट में बदलाव किया गया था (फोटो: इंडिया टुडे आर्काइव्ज़)

राजीव के परिवार को क्यों मिली सुरक्षा? राजीव की हत्या के बाद SPG ऐक्ट में संशोधन हुआ. ये तय किया गया कि पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके नजदीकी परिवारवालों को भी सिक्यॉरिटी दी जाएगी. गांधी परिवार के साथ हुए हादसों की वजह से उन्हें एक जमाने से सुरक्षा मिली हुई है. सिक्यॉरिटी तय करते समय ये भी ध्यान रखा जाता है कि खतरे की आशंका कितनी है. कितना गंभीर खतरा है. ऐसी बातों के मद्देनज़र ही राहुल तगड़ी सुरक्षा मिली हुई है. SPG का रेकॉर्ड बहुत शानदार है. इसे बने 34 साल हुए. इसने जिनकी भी हिफाजत की है, वो सब महफ़ूज रहे हैं.
ये राहुल हैं, राजीव की अर्थी को कांधा देते हुए. गांधी परिवार के दो सदस्यों की हत्या हुई. इसी वजह से इस परिवार की सुरक्षा को बेहद जरूरी माना गया (फोटो: इंडिया टुडे आर्काइव्ज़)
ये राहुल हैं, राजीव की अर्थी को कंधा देते हुए. गांधी परिवार के दो सदस्यों की हत्या हुई. इसी वजह से इस परिवार की सुरक्षा को बेहद जरूरी माना गया (फोटो: इंडिया टुडे आर्काइव्ज़)

बीजेपी तय करे, उसको कैसी पॉलिटिक्स करनी है? बाद में जीतू ने लगभग माफी मांगते हुए कहा, 'मैं VIP कल्चर की बात कर रहा था. कांग्रेस ने विवाद खड़ा करने के लिए मेरी बात को गलत तरीके से पेश किया. कांग्रेस को तब कुछ गलत नहीं लगता, जब उसके बड़े नेता पीएम मोदी की मां और मेरी मां के बारे में अनाप-शनाप बोलते हैं. मां-बच्चे का रिश्ता बहुत पवित्र है. मेरी बात को गलत तरीके से पेश करने से अगर लोग आहत हुए हैं, तो मैं माफी मांगने से हिचकिचाऊंगा नहीं.'
राहुल और प्रियंका को कमांडो वाला ताना देने का कोई मतलब नहीं. जीतू तो फिर उनके बचपन को भी बीच में घसीट लाए. उनका मुकाबला आज के राहुल-प्रियंका से है कि उनके बचपन से? उनके पैदा होने, दूध पीने पर जा रहे हैं. आदमी पॉलिटिक्स करता है. लेकिन उसमें भी थोड़ा लॉजिक, थोड़ा लिहाज रखता है.
बताइए, रखता है कि नहीं रखता है...


असम धमाके और रंजन दैमारी की पूरी कहानी समझिए

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement