मदर्स डे था. आपने भी 'आई लव मॉम' वाली डीपी लगाई थी? ध्यान दिया हो तो ये सिर्फ एक फिल्टर नहीं था. नीचे Susan G. Komen को सपोर्ट की बात भी लिखी थी. ये Susan G. Komen का Mother’s Day फ्रेम था. जो एक भले काम के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. कौन है सुजैन जी. कोमेन. और ये हमारी फेसबुक टाइमलाइन तक कैसे आ पहुंची?
इसके पीछे एक किस्सा है, वो जानिए

नैंसी गुडमैन ब्रेंकर ने 36 साल पहले अपनी मरती हुई बड़ी बहन सुजैन से एक वादा किया. उसे ब्रेस्ट कैंसर था. और वादा ये था कि वो अपनी तरफ से हर संभव कोशिश करेंगी, ब्रेस्ट कैंसर को हमेशा के लिए खत्म करने की. 1982 में इसी वादे को निभाने के लिए सुजैन जी. कोमेन ऑर्गेनाइजेशन की शुरुआत की. तब उनके पास सिर्फ 200 डॉलर हुआ करते थे. आज ऑर्गेनाइजेशन इतना बड़ा है कि इनने 2.6 अरब डॉलर ब्रेस्ट कैंसर के पीछे खर्च कर दिए हैं. ये अमेरिका का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा फंडेड ब्रेस्ट कैंसर ऑर्गेनाइजेशन है. इनका काम 30 से ज्यादा देशों में फैला है, ये दावा करते हैं कि इनके कारण सन 1990 के बाद ब्रेस्ट कैंसर के कारण हुई मौतों में 34% कमी आई है. और शुरुआती दौर में कैंसर का पता लगाकर सर्वाइवल के औसत 5 साल इनकी वजह से बढ़े हैं. ये इकलौता ऑर्गेनाइजेशन है जो ब्रेस्ट कैंसर के लिए कई मोर्चों पर खड़ा दिखता है, जिसमें रिसर्च से लेकर जन जागरुकता तक शामिल है. नैंसी गुडमैन ब्रेंकर इस ऑर्गेनाइजेशन की फाउंडर हैं, वो भी ब्रेस्ट कैंसर की सर्वाइवर रही हैं. उनने अपने भी अनुभव इस मुहिम में शामिल किए. फ़िलहाल वो WHO की कैंसर कंट्रोल के लिए गुडविल एम्बैसडर भी हैं, उनने जॉर्ज डब्ल्यू बुश के समय अमेरिकी सरकार के साथ भी काम किया. इस बार मदर्स डे पर जब आपने I Love Mom वाला फ़िल्टर यूज कर रहे थे तो जाने-अनजाने आप भी इस अच्छी सी मुहिम से जुड़ गए थे. साथ में एक हैशटैग भी चला था #4EveryMom ये दुनिया भर की माओं और औरतों की हेल्थ से जुड़ा था, जिन्हें आप सुरक्षित रखना चाहते हैं, और जिन्हें आप प्यार करते हैं.