
ऐसी कुछ सीनरी
मैं जब पेंट से उस कागज़ पर बनी सीनरी की पुताई करने लगा तो उस गोले का नम्बर आया जो झोपड़ी के ठीक ऊपर रहता था. उसे काला होना था. मेरे पास काला वाटर कलर का ट्यूब नहीं था. अपने आगे बैठी लड़की से मांगा. मुंह बना दिया उसने. बोली - "नहीं दूँगी." मेरा उससे भी बड़ा मुंह बन गया. उसने मना कैसे कर दिया? और क्यूं? खैर, अगली बार से कभी किसी से कुछ नहीं मांगा क्लास में.
ये याद क्यूं आया? क्यूंकि मालूम चला कि बड़ी क्लास में एक और लड़का था. उस लड़की के जैसा जिसने कलर देने से मना कर दिया. अनीश कपूर. इंग्लैण्ड में रहते हैं. भारतीय हैं.

Aneesh Kapoor
61 साल के अनीश कपूर बम्बई में पले बढ़े और लंडन में 1970 की शुरुआत से काम कर रहे हैं. 2012 में इन्हें पद्म भूषण मिला और 2013 में इन्हें knighthood की उपाधि मिली और अब ये 'सर' अनीश कपूर बन चुके हैं. इजराइल म्यूज़ियम के बाहर लगा turning the world upside down, लंडन ओलम्पिक पार्क में ArcelorMittal Orbit और मिलेनियम पार्क, शिकागो में लगा Cloud Gate इनके सबसे ज़्यादा फेमस काम हैं.

Turning the world upside down, ArcelorMittal Orbit and Cloud Gate
हाल ही में, हाल ही में यानी 2014 में, अनीश कपूर ने Vantablack के साथ काम करना शुरू किया. Vantablack एक पदार्थ है जो इस दुनिया का सबसे काला पदार्थ है. सबसे काला! ये इतना काला है कि अगर हिंदी में capital और small letters का चलन होता तो ये 'सबसे काला' capital letters में लिखा जाता.
अनीश कपूर ने Vantablack पर कॉपीराइट ले लिया है. इसका मतलब? इसका मतलब ये कि अनीश कपूर के अलावा और कोई भी इस Vantablack को इस्तेमाल नहीं कर सकता. हां वो बात अलग है कि अनीश अगर किसी और को इस Vantablack को इस्तेमाल करने देना चाहें तो वो कर सकता है. यही वजह है जो अनीश कपूर को मेरी क्लास की उस लड़की के साथ ला के खड़ा कर देती है. एक आर्टिस्ट के रोल में हर किसी के लिए रंगों की एक बहुत बड़ी ज़रुरत होती है. और यहां अनीश कपूर हैं कि एक रंग अपने ही पास रख लिया और दुनिया से कह दिया - "नहीं दूंगा!" मतलब अब बाकी के सभी आर्टिस्ट्स मुंह बनाये फिरें? शेक्सपियर ने इस दुनिया को 1700 शब्द दिये थे. सोचो कि शेक्सपियर शब्द बनाने के बाद अपने नॉवेल, कहानियों, और नाटकों में इस्तेमाल करने के बाद सबसे कह देते "नहीं दूंगा!" वो बात अलग है कि मेरे जैसे जो जूलियस सीज़र के सताये हुए हैं, ज़रूर खुश हो जाते. लेकिन हां, अंग्रेजी की लैंग्वेज का बहुत बड़ा नुकसान हुआ होता. ऐसा ही हाल कहीं Vantablack का भी न हो. कहीं ऐसा न हो कि अनीश कपूर अपने installations में Vantablack का इस्तेमाल करते रहे लेकिन Vantablack का असली इस्तेमाल हो ही न पा रहा हो. खैर, ये सभी बाद की बातें हैं. मुद्दे की बात ये है कि Vantablack आखिर है क्या? Black क्या होता है? ब्लैक यानी काला. इंजीनियरिंग के लौंडे रंग से भी पहले सिगरेट कहेंगे. लेकिन नहीं. यहाँ रंगों वाले ब्लैक की बात हो रही है. "काला रे...सइय्यां काला रे...!!!" वाला काला. काला यानी दुनिया का सबसे गहरा रंग. ब्लैक में कोई भी रंग नहीं होता. ब्लैक सभी रंगों को सोख लेता है. हम किसी चीज को देख कैसे पाते हैं? जब कोई भी चीज अपने surface से लाइट को reflect करती है तो ही वो हमारी आँखों तक पहुंच पाती हैं. उनके आँखों तक पहुंचने पर ही हम उसे देख पाते हैं. इसी तरह से जब कोई चीज अपने surface से कोई भी और कैसी भी लाइट reflect नहीं करती है तो उसे ब्लैक कहते हैं. कहने का मतलब ये कि ब्लैक surface किसी भी तरह की light ही नहीं reflect कर रहा होता है. Vantablack क्या होता है? VANTA = Vertically Aligned NanoTube Arrays
Vantablack में एक metal के surface पे carbon nanotubes 'उगाई' जाती हैं. अब आप पूछेंगे कि कैसे?

Nanotubes का एक खेत
सबसे पहले, nanotubes का मतलब होता है बहुत ही छोटी छोटी ट्यूब्स. इतनी छोटी कि नंगी आँखों से भी न दिखाई दें. तो ये समझिये कि आप अपने सर से एक बाल उखाड़ते हैं, उसके 10,000 टुकड़े करते हैं. उन 10,000 टुकड़ों में से एक टुकड़ा लेते हैं. ये एक टुकड़ा एक nanotube के बराबर होता है.

बाल के 10,000वें टुकड़े के बराबर Nanotubes
इन nanotubes को metal surface पर एक खेत की तरह उगाया जाता है. हर दो nanotube के बीच में कुछ जगह छोड़ी जाती है. अब होता ये है कि light rays जब इसमें घुसती हैं तो nanotubes के बीच light rays bounce करने लगती हैं. चूंकि nanotubes के बीच में जगह होती है मगर उनका खेत काफ़ी घना होता है इसलिए light rays बाहर नहीं निकल पातीं और वो उस खेत के अन्दर ही bounce करती रह जाती हैं.

The cavity between 2 nanotubes that makes the light rays bounce withing the surface
बहुतै आसन भाषा में अगर हम कहें तो समझो कि एक ऐसे गन्ने के खेत में आप घुसे हैं जिसके गन्ने काफी ऊंचे ऊंचे हैं. और वो खेत इतना घना है कि एक बार घुसने के बाद आप उसमें से बाहर ही नहीं निकल पा रहे हैं और उसी खेत के अन्दर ही अन्दर चक्कर पे चक्कर लगाये जा रहे हैं. ऐसे nanotubes के खेतों में जब Light ray अन्दर घुसती है तो बाहर नहीं निकल पाती और तब बनता है दुनिया कला सबसे काला पदार्थ यानी - Vantablack.

A comparison between Vantablack and normal black
Vantablack का कालापन होता है 99.965% इसका मतलब ये होता है कि Vantablack 99.965% लाइट सोख लेता है.






















