राहुल गांधी: कालाधन रखने वालों के लिए नरेंद्र मोदी फेयर एंड लवली योजना लाए हैं. लल्लन: अबे ऊ कालाधन वालों के लिए नहीं, अपने जेटली के लिए लाए हैं. बाल झड़ रहा है जेटली का, तो चेहरा और चंदुल्ली सेम टू सेम हो गई है. ऊपर का हिस्सा चमकता रहता है. तो शक्ल गोरियाने के लिए ई योजना है.
राहुल गांधी: मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट में बब्बर शेर तैयार किया गया है. जहां देखो शेर बैठे हैं. मैं पूछता हूं आपने कितने लोगों को रोजगार दिया? लल्लन: वो मेक इन इंडिया नहीं, मोगली का सीन है. कार्टून घुसा है तुमरे दिमाग में. और शेरों को रोजगार न दिलाओ बे. खाली पीली किसी दिन भर लेगा कौनो की टांग. तो टेंग में घुस जाएगा इम्पलॉयमेंट एक्सचेंज.
राहुल गांधी: जब कन्हैया, पत्रकारों, प्रोफेसर्स पर हमला हुआ, तब आप क्यों नहीं बोले मोदी जी? लल्लन (निर्मल बाबा की आत्मा संलग्न): हमको मनमोहन सिंह का फोटू क्यों दिख रहा है बच्चा. 10 साल सत्ता में रहे थे. कभी होंठे हिलते देखे थे?
नहीं देखे थे बाबाजी!
बस, बस वहीं से कृपा रुक रही है. जाओ पहले उसके होंठ हिलाओ. तब ये वाला बोलेगा बच्चा उर्फ मितरों. राहुल गांधी: मोदी बिना किसी से चर्चा किए पाकिस्तान चले जाते हैं. चुपचाप चाय पीने. लल्लन: तुमरा जनरल नॉलेज दिल्ली में कांग्रेस के विधायकों जित्ता ही है राहुल. शून्य बटा सन्नाटा. मोदी चुप्पेचाप नहीं गिरिराज सिंह से पूछकर गए थे. ताकि कोई शत्रु घन, बोले तो तिकड़ी मारके न घेर ले बाद में. बाकी अंदर की बात ये है. मोदी साइड बिजनेस खोले हैं साड़ी का. शरीफ की अम्मा को जो साड़ी दिए थे, उसी की डिमांड बढ़ी थी. तो वही सप्लाई करने गए थे. शरीफ के घर ब्याह था न इसलिए.
राहुल गांधी: सरकार JNU का कुछ कर पाओगे. न गरीबों की आवाज दबा पाओगे. लल्लन: हां. सही तो बोल रहा है राहुलवा. क्योंकि गरीबों के कल्याण का ठेका तो तुमरे जीजा लिए हैं न. नंबर-1 हरियाणा का ऐड सुनते हैं रेडियो में. तो भीतर तक टीस पहुंचती है. अहा, 'गुड़-गांव' से लाओ तो रे कोई. राहुल गांधी की स्पीच से लल्लन ने लिए मजे. जे देखो वीडियो: https://twitter.com/thelallantop/status/705020012478623744 https://twitter.com/thelallantop/status/705018845530959873 https://twitter.com/thelallantop/status/705032115801292800


















.webp?width=120)




