1. कुंभ
अगर देश-दुनिया में कोई ऐसा बड़ा इवेंट होता है जो सबको चौंका देता है. जिसके आयोजन पर कई देश-विदेश की यूनिवर्सिटीज रिसर्च करती हैं कि इतना बड़ा इवेंट कैसे हो जाता है. कैसे करोड़ों लोगों के लिए टेंपरेरी व्यवस्था कर ली जाती है. कैसे सब शांति से मैनेज होता है. तो वो है कुंभ. जोकि इस बार हो रहा है गंगा, यमुना और सरस्वती के मिलन स्थल प्रयागराज में. शुरुआत होगी 15 जनवरी से. और फिर ये 50 दिन चलेगा. माने 4 मार्च को इसका अंत होगा. फिलहाल इसकी तैयारियां जोरों पर हैं. उत्तर प्रदेश सरकार ने नदी किनारे हजारों हेक्टेयर जमीन पर एक शहर सा बसा दिया है. घूम-घूमकर यूपी के मंत्री देश भर के बड़े नेताओं और हस्तियों को निमंत्रण दे रहे हैं. बाकि जनता तो खुद ये आस्था की डुबकी लगाने पहुंचेगी ही.

कुंभ की तैयारी चल रही है और इसकी शुरुआत 15 जनवरी से होगी.
2017 में यूनेस्को ने कुम्भ को ‘‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’’ की प्रतिनिधि सूची में भी जगह दी थी. तो ये पहला बड़ा इवेंट है इस साल का, जहां आप जा सकते हैं. जाना ही चाहिए. मतलब अगर भगवान में विश्वास रखते हैं तो भी जाइये. गंगा में डुबकी लगाइये और थोड़ा पुण्य पा लीजिए. और नहीं करते तो भी इस अद्भुत कार्यक्रम में जाना चाहिए. जानने-समझने के लिए ही आखिर ऐसा क्या है कि करोड़ों लोग देश-विदेश ये यहां आते हैं. बस एक हिदायत है. अगर भाई-बहन के साथ जाना तो हाथ कसके पकड़े रहना. वरना कुंभ के मेले में बिछड़ने की कहावत तो आपने खूब सुनी ही होगी.
2. लोकसभा चुनाव
कायदे से देखा जाए तो 2019 का सबसे बड़ा इवेंट लोकसभा चुनाव ही होगा. जहां दांव पर होगा 543 सांसदों का भविष्य. और जनता तय करेगी सरकार और देश का भविष्य. देखने को मिलेगा कि नरेंद्र मोदी अपनी एनडीए की सरकार बचा पाते हैं या नहीं. दोबारा प्रधानमंत्री बन पाते हैं या नहीं. टेस्ट होगा उनके 2014 के चुनाव के वक्त किए गए वादों का. वो कितने चले या फेल हो गए. और फाइनल टेस्ट होगा उस लहर का जिसे सब मोदी लहर के नाम से जानते हैं. वो बचती है या उड़ जाती है.

पीएम नरेंद्र मोदी की असली परीक्षा का समय आ रहा है.
देखने वाला होगा विपक्ष का रोल. ये कि जो महागठबंधन बनाने की कोशिशें हर तरफ हो रही हैं, वो परवान चढ़ती हैं या नहीं. और अगर चढ़ती हैं तो वो मोदी सरकार को कितना नुकसान पहुंचा पाती हैं. उसका नेता कौन होगा. राहुल गांधी या कोई और? या कोई गैर कांग्रेसी और गैर बीजेपी मोर्चा सामने आता है, जिसकी वकालत टीआरएस कर रही है.

राहुल गांधी भी पूरा जोर लगाए हैं.
आम चुनाव की तारीखों की बात करें तो वो अभी क्लियर नहीं है. अप्रैल और मई 2019 में इनके होने की संभावना है. 2014 के चुनाव की बात करें तो बीजेपी ने 282 सीटें जीती थीं. कांग्रेस 44 पर सिमट गई थी. तो सबसे ज्यादा इंतजार लोगों को रिजल्ट का ही रहेगा. कौन कितनी सीटें पाता है और सरकार बनाता है. कौन देश का सरकार बनता है.
3. क्रिकेट वर्ल्डकप
कुंभ में डुबकी लगाने और देश की सरकार गिरवाने-बनवाने के बाद शुरू होगा क्रिकेट फीवर. शुरू होगा वो इवेंट जिसका क्रिकेट प्रेमियों को चार साल से इंतजार था. वर्ल्डकप. वनडे मैचों का महाकुंभ. जहां भिड़ेंगी 10 टीमें. जगह होगी इंग्लैंड और उसकी तेज तर्रार पिचें. 30 मई से शुरू होकर 14 जुलाई तक चलने वाले इस इवेंट में दुनिया को मिलेगा उसका नया क्रिकेट वर्ल्ड चैंपियन.

ऐसा नजारा इस बार देखने को मिलेगा कि नहीं, देखने वाला होगा.
ये वर्ल्डकप इस बार और खास होगा. क्योंकि इस बार कोई ग्रुप नहीं है. सभी टीमों की सभी से भिड़ंत होगी. और इस तरह पॉइंट्स टैली में जो टॉप 4 टीमें रहेंगी. वो सेमीफाइनल और फाइनल खेलेंगी. आपके मतलब की बात ये है कि भारत का पहला मैच 5 जून को होगा. साउथ अफ्रीका के खिलाफ. तो देखने वाला होगा कि 2011 की वर्ल्ड चैंपियन टीम इस वर्ल्डकप में कुछ कमाल कर पाती है. विराट कोहली की सेना एमएस धोनी को कप वाला फेयरवेल दे पाती है या नहीं.
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