भागीरथपुरा में दूषित पानी फैलने के बाद राहुल गांधी इंदौर गए, उन्होंने बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और फिर प्रभावित इलाके में जाकर परिवारों की कहानियां सुनीं. उन्होंने पीड़ित परिवारों को ₹1 लाख के चेक दिए और कहा कि साफ पीने का पानी सरकार की ज़िम्मेदारी है, फिर भी स्थानीय लोगों का दावा है कि कई मौतों के बाद भी पानी की सप्लाई अभी तक पूरी तरह से बहाल नहीं हुई है. यह विवाद अब आंकड़ों की लड़ाई बन गया है: स्थानीय लोगों और रिपोर्ट्स ने 24 मौतों का ज़िक्र किया है, MP सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि उसने 7 मौतों की पुष्टि की है, जबकि एक मेडिकल कॉलेज के "डेथ ऑडिट" में कथित तौर पर संकेत मिला है कि 15 मौतें इस प्रकोप से जुड़ी हो सकती हैं. CM मोहन यादव ने इस दौरे को राजनीतिक बताया, और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल को "आपदा पर्यटक" कहा, लेकिन बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है: ऐसे संकट के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा जहां "सबसे साफ शहर" होने के दावों के बावजूद साफ पानी की गारंटी नहीं मिल पाई, पूरा वीडियो अभी देखें!
गंदा पानी पीने से बीमार लोगों से मिले राहुल गांधी, सरकार को क्या याद दिला दिया?
ऐसे संकट के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा जहां "सबसे साफ शहर" होने के दावों के बावजूद साफ पानी की गारंटी नहीं मिल पाई.
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