प्रयागराज में होने वाली धर्म संसद के साथ महाकुंभ 2025 एक महत्वपूर्ण आयोजन का गवाह बनने जा रहा है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (ABAP) ने चर्चा के लिए प्रमुख मुद्दों की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें मुगलकालीन प्रभावों को हटाने के लिए पारंपरिक कुंभ अनुष्ठानों का प्रस्तावित नाम बदलना भी शामिल है. VHP की भागीदारी वाली धर्म संसद, पूजा स्थल अधिनियम और पड़ोसी देशों में हिंदुओं की दुर्दशा पर भी चर्चा करेगी. धर्म संसद का उद्देश्य हिंदू एकता को मजबूत करना और वक्फ बोर्ड की तरह हिंदू मंदिरों और मठों की रक्षा के लिए 'सनातन बोर्ड' के गठन पर चर्चा करना है. प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान होने वाली इन चर्चाओं से हिंदू धार्मिक प्रथाओं और पहचान पर भविष्य के विमर्श को आकार मिलने की उम्मीद है. उन चर्चाओं के बारे में पूरी योजना जानने के लिए और इसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत और मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव की क्या भूमिका होगी? जानने के लिए देखें पूरा वीडियो.
महाकुंभ: धर्म संसद में क्या फैसले लिए जाएंगे? सनातन बोर्ड पर क्या पता चला?
VHP की भागीदारी वाली धर्म संसद, पूजा स्थल अधिनियम और पड़ोसी देशों में हिंदुओं की दुर्दशा पर भी चर्चा करेगी.
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