बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (आईसीटी) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को मौत की सज़ा सुनाई है. ये सज़ा पिछले साल हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई का आदेश देने का दोषी पाते हुए सुनाई गई है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय इस मृत्युदंड के प्रति विरोध क्यों कर रही है? पूरी कहानी समझने के लिए देखिए वीडियो.
शेख हसीना के मौत की सज़ा पर UN क्यों विरोध कर रहा, भारत का पक्ष क्या है?
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पिछले साल हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई का आदेश दिया था.
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