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'टांग टूट गई', 'थप्पड़ मार लो', YesMadam के CEO क्या दलीलें दे रहे? स्ट्रेस सर्वे वाली झूठी खबर चलाई थी

YesMadam के CEO Mayank Arya अपनी कंपनी के उस 'सुनियोजित प्रयास' के लिए माफी मांग चुके हैं, जिसके तहत स्ट्रेस फील कर रहे कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की फर्जी खबर चलाई गई थी.

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YesMadam के सीईओ मयंक आर्य ने बताया कि स्ट्रेस के कारण किसी को नहीं निकाला गया.

बीते दिनों YesMadam कंपनी का कर्मचारियों को निकाले जाने वाला पोस्ट वायरल हुआ था. कंपनी की तरफ से दी गई ये जानकारी फर्जी थी. इस पर लोगों ने कंपनी और उसके मैनेजमेंट पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी. लोगों ने इसे 'घटिया' पीआर स्टंट बताया. चौतरफा फजीहत होने के बाद कंपनी के CEO मयंक आर्या ने लिंक्डइन पर एक वीडियो के जरिए अपनी बात रखी थी. इसमें वे खुद को थप्पड़ मारने की बात कह रहे हैं.

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क्या था मामला?

पिछले हफ्ते YesMadam की HR मैनेजर का एक ईमेल वायरल हुआ. इसमें बताया गया कि कंपनी ने एक स्ट्रेस सर्वे कराया था. अब कंपनी उन कर्मचारियों को हटाने जा रही है, जिन्होंने सर्वे के दौरान वर्कप्लेस में स्ट्रेस होने की बात कबूली है.

इस पोस्ट के सामने आते ही लोगों ने इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की. बाद में कंपनी ने सफाई दी कि यह सब एक “planned campaign” था और किसी को भी नौकरी से नहीं निकाला गया. कंपनी ने बताया कि उनका मकसद कार्यस्थल पर तनाव (workplace stress)  के मुद्दों को उजागर करना था. उस पोस्ट और खबर के बारे में जानकारी के लिए आप नीचे दी स्टोरी को पढ़ सकते हैं.

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ये भी पढ़ें - YesMadam ने कर्मचारियों से तनाव के बारे में पूछा, फिर उनकी फिक्र में उन्हें नौकरी से निकाला

सोशल मीडिया और बिजनेस वर्ल्ड के कई लोगों की आलोचना के बाद कंपनी के CEO मयंक आर्या की प्रतिक्रिया सामने आई थी.

क्या कहा CEO ने?

लिंक्डइन (LinkedIn) पर 8 मिनट के एक वीडियो में मयंक आर्या ने इस विवाद पर बात की. उन्होंने माना कि कैंपेन का संदेश गलत तरीके से पहुंचा, लेकिन इसका उद्देश्य 'सही' था. मयंक ने कहा, 

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“लोगों ने इसे चीप PR कहा. कुछ ने हमें थप्पड़ मारने की सलाह भी दी. ठीक है, मार लीजिए. लेकिन मेरी नीयत गलत नहीं थी.”     

मयंक आर्या ने लिंक्डइन पर ‘दिल की बात’ नाम से एक पोस्ट में ये बातें कहीं. इसी पोस्ट में वो कृष्ण से लेकर गांधी तक का जिक्र लाते हैं. देखिए पोस्ट.

मयंक यही नहीं रुके, 16 दिसंबर को उन्होंने एक और पोस्ट किया.

नए पोस्ट में क्या बताया?

मयंक आर्या ने साल 2013 के एक बुरे अनुभव का जिक्र किया. बताया कि Liberia में एक डकैती (armed robbery) के दौरान उनकी टांग टूट गई थी. इस दौरान उन्होंने खुद के अनुभवों और उनसे बाहर निकलने की कहानी बताई. पोस्ट में उन्होंने लिखा,   

“कहते हैं समय हर घाव भर देता है. लेकिन यह झूठ है. जो आप समय के साथ करते हैं, वही आपको बनाता है.”

मयंक आर्या की इन दलीलों से आप कितने सहमत हैं, हमें कॉमेंट बॉक्स में बता सकते हैं.

वीडियो: केंद्रीय कर्मचारियों के DA में हुई 3% की बढ़ोतरी

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