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चारधामों को प्लास्टिक मुक्त बनाने में जुटी धामी सरकार

केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री में नगर पंचायतों की ओर से विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, जबकि यमुनोत्री में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला पंचायत के पास है. सरकार का जोर चारों धामों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के साथ-साथ कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर है.

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चारधामों को प्लास्टिक मुक्त बनाने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार जुटी है.

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  • उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के दौरान सोला-वन कचरा बतौर प्लास्टिक संग्रह, रिसाइक्लिंग व वैज्ञानिक निस्तारण के लिए विशेष सफाई अभियान संचालित किया है।
  • चारधाम यात्रा क्षेत्र में बढ़ती पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान हेतु, प्लास्टिक मुक्त धाम बनाने और कचरे के सुव्यवस्थित प्रबंधन की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।
  • सफाई अभियान से अब तक लगभग 798 टन कचरा एकत्र हुआ है, अब कचरे के निस्तारण और रिसाइक्लिंग क्रियाओं को बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण को आगे बढ़ाने की योजना है।

देहरादून. चारधाम यात्रा को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार की मुहिम लगातार आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आह्वान पर श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों और सफाई व्यवस्था से जुड़े विभागों की सक्रियता का असर भी दिखाई दे रहा है. यात्रा सीजन में अब तक चारधाम क्षेत्रों से करीब 798 टन कचरा एकत्रित किया जा चुका है. इसमें बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा शामिल है, जिसे अलग कर रिसाइक्लिंग और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है.

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केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री में नगर पंचायतों की ओर से विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, जबकि यमुनोत्री में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला पंचायत के पास है. सरकार का जोर चारों धामों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के साथ-साथ कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर है.

केदारनाथ में 32 टन कचरा एकत्र

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केदारनाथ धाम नगर पंचायत क्षेत्र में इस यात्रा सीजन में अब तक 32 टन सॉलिड वेस्ट एकत्र किया गया है. इसमें करीब 20 टन प्लास्टिक कचरा शामिल है. शहरी विकास विभाग ने इस बार धाम में अतिरिक्त कॉम्पेक्टर मशीन भी लगाई है. जमा कचरे को गौरीकुंड पहुंचाकर नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जा रही है.

वहीं, केदारनाथ पैदल मार्ग पर सफाई व्यवस्था संभाल रही सुलभ इंटरनेशनल ने अब तक करीब 270 टन सॉलिड वेस्ट एकत्र किया है. इसमें से करीब 6.5 टन प्लास्टिक कचरा रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जा चुका है.

बद्रीनाथ में 393 टन कचरा जमा

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बद्रीनाथ धाम में इस यात्रा सीजन के दौरान अब तक 393 टन कचरा एकत्र किया गया है. इसमें करीब 161 टन सूखा कचरा है. नगर पंचायत की ओर से धाम में ही सॉलिड वेस्ट को कॉम्पेक्ट किया जा रहा है. इस प्रक्रिया में करीब 24 टन प्लास्टिक कचरा अलग किया गया है. इसमें पानी की बोतलों से निकलने वाला प्लास्टिक बड़ी मात्रा में शामिल है. एकत्र प्लास्टिक को नीलामी के लिए तैयार किया जा रहा है.

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गंगोत्री में प्लास्टिक रिसाइक्लिंग से आय

गंगोत्री धाम में अब तक 98 टन कचरा एकत्र किया जा चुका है. नगर पंचायत ने इसमें से 22 टन प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल कर करीब 55 हजार रुपये की आय अर्जित की है. इसके अलावा कचरे से करीब 2.5 टन खाद भी तैयार की गई है. धाम क्षेत्र में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए रोजाना विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है.

यमुनोत्री में 4.85 टन प्लास्टिक का निस्तारण

यमुनोत्री धाम क्षेत्र में अब तक 4.85 टन प्लास्टिक कचरा एकत्र कर उसका सुरक्षित निस्तारण किया गया है. इसमें जानकीचट्टी बाजार से ग्रामीण बाजार डामटा तक करीब 1,790 किलो और जानकीचट्टी से खरसाली बाजार क्षेत्र से 3,060 किलो प्लास्टिक कचरा एकत्र किया गया है. यहां सफाई व्यवस्था जिला पंचायत के जिम्मे है.

श्रद्धालुओं की भागीदारी पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम केवल आस्था और संस्कृति के केंद्र नहीं, बल्कि हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. सरकार यात्रा को स्वच्छ, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि चारों धामों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और प्लास्टिक के रिसाइक्लिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. अभियान की सफलता के लिए सरकार के साथ श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और व्यापारियों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया है.

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