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अमेरिका को IT वाले नहीं पॉर्न फिल्म मेकर्स चाहिए! O-1 वीजा से एंट्री पा रहे एडल्ट स्टार

H-1B Visa वालों का इंटरव्यू लगातार टल रहा है और ऐसे में अमेरिका ने ऑनलाइन Adult Filmmaker को O-1 Visa देना शरू कर दिया है. क्या है O-1 वीजा और ऑनलाइन क्रिएटर को इतनी आसानी से क्यों दिया जा रहा है?

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O-1 वीजा अमेरिका का जीनियस वीजा कहा जाता है. (फोटो-इंडिया टुडे)

अभी तक अमेरिकन वीजा में H-1B वीजा (H-1B Visa) की चर्चा हो रही थी. उसमें भी ये कि अमेरिका ने वीजा एंट्री की फीस बढ़ा दी है, इंटरव्यू डिले कर रहा है, इत्यादि. अब चर्चा शिफ्ट होकर  O-1 वीजा (O-1 Visa) पर आ गई है. अमेरिका धड़ल्ले से O-1 वीजा पास कर रहा है. लेकिन दे किसको रहा है? इंजीनियर और स्टूडेंट को तो होल्ड पर रखा है. जवाब सुनकर हैरान रह जाएंगे. O-1 वीजा के लिए ज़्यादातर अडल्ट फिल्ममेकर क्वालीफाई कर रहे हैं. यानी अब अमेरिका को इंजीनियर, स्कॉलर की नहीं बल्कि पॉर्न फिल्ममेकर और मॉडल की जरूरत है (Porn Filmmakers)? 

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क्या होता है O-1 वीजा?

अमेरिका का जीनियस वीजा कहलाने वाला ये वीजा आम तौर पर विज्ञान, कला और व्यापार के क्षेत्र से जुड़े लोगों को दिया जाता है. लेकिन अब ये वीजा ज्यादातर ओनली फैंस (Only fans) वालों को मिल रहा है. ओनली फैंस एक सोशल प्लेटफॉर्म है जहां लोग अडल्ट पोर्टफोलियो बनाते हैं. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका ने साल 2014 से 2024 के बीच 50 प्रतिशत ज़्यादा O-1 वीजा दिए हैं. इस वीजा के लिए आवेदकों को अपना 'अद्भुत कौशल' दिखाना पड़ता है. USCIS कहता है कि आवेदक को तीन चरण पास करना होता है. इसके लिए अपनी फील्ड में मिले अवार्ड, प्रेस कवरेज, एक्सपर्ट लेटर दिखाने की जरूरत होती है. हालांकि किस तरह के आर्ट इससे बहार होंगे इसका ज़िक्र नहीं है. 

अडल्ट फिल्ममेकर को वीजा क्यों?

आर्ट फिल्ड के बारे में में कोई लिमिट न होने की वजह से अडल्ट फिल्म बनाने वाले भी इसमें शामिल हो रहे हैं. उन्होंने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को अपना हथियार और पोर्टफोलियो दोनों बनाया. द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, इमीग्रेशन अटर्नी का कहना है कि अडल्ट फिल्ममेकर अपने  डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीच को बतौर काम पेश करते हैं. और इसी के आधार पर उनकी काबिलियत का आकलन किया जाता है. 

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ग्लोबल डिजिटल मार्केट में इन फिल्ममेकर ने सबसे ज़्यादा पैसा और नाम कमाया है. डिजिटल प्लेटफॉर्म का मोनेटाइज होना, मिलियन में फॉलोवर और मीडिया इंटरव्यू ने इन्हें बादशाह बना दिया है. इन्होंने मेनस्ट्रीम इन्फ्लुएंसर को भी अपनी परछाई से ढक दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक़, इनकी इनकम और ऑडियंस साइज साफ दिखती है जिससे काम में आसानी होती है. ज़्यादातर मॉडल और फिल्ममेकर अमेरिका से बाहर रहते हैं लेकिन काम अमेरिकन स्टूडियो के साथ काम करते हैं. H-1B वीजा के लिए ये फिल्ममेकर अप्लाई नहीं कर सकते इसलिए इनके पास सिर्फ एक ही ऑप्शन बचता है-O-1 वीजा.

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H-1B वीजा वालों की दुखती रग

अमेरिका का इस वक़्त ये करना कोई अचानक घटना नहीं है. ये बढ़त तब देखी गई है जब H-1B वीजा और स्टूडेंट वीजा पर तरह-तरह के रोक लगाए जा रहे हैं. इंटरव्यू की तारीख बार-बार बदली जा रही है. कई देशों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा की फीस भी बढ़ा दी है. ऐसे में दुनियाभर में कई इंजीनियर और छात्रों का भविष्य अटक गया है. 

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़, एक लॉ ग्रुप से जुड़ीं प्रोतिमा दरयानी ने बताया कि पहले जिन लोगों का स्टेज 1 भी क्लियर नहीं होता था आज उनकी ऑनलाइन ऑडियंस की वजह से उन्हें वीजा दिया जा रहा है. एक और लॉयर का कहना है कि ये सिर्फ लाइक और क्लिक का खेल बन गया है, जिससे असली कला पीछे रह जा रही है. हालांकि अडल्ट फिल्ममेकर को वीजा देना कोई गैर कानूनी नहीं है लेकिन फिर भी ये O-1 वीजा के स्टेटस को लेकर गंभीर चिंता खड़ी करता है. 

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