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मुस्लिम बहुल जिलों में 20% वोटर कम हुए, यूपी SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर बवाल तय

SIR Draft Voter List: उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2.89 करोड़ नाम कटे, अब 12.55 करोड़ मतदाता वैध हैं. कई मुस्लिम बहुल जिलों में सबसे ज्यादा वोटर घटे.

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मुस्लिम बहुल जिलों में भी 20% वोटरों के नाम कटे हैं. (सांकेतिक फोटो: आजतक)

चुनाव आयोग ने स्पेशल इन्टेंसिव रिविज़न (SIR) के तहत उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है. रिवीजन के बाद इस लिस्ट से 2.89 करोड़ नाम कट गए हैं. अब यूपी में 12 करोड़ 55 लाख से ज्यादा वोटर है. सबसे ज्यादा राजधानी लखनऊ में वोटरों के नाम कटे हैं. यहां 30.05 फीसदी तक वोट कम हो गए हैं. वहीं, मुस्लिम बहुल जिलों में भी 20% वोटरों के नाम कटे हैं. 

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दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के 5 मुस्लिम बहुल जिलों में 40 से 50 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं. इन जिलों में 20% तक वोटर कम हुए हैं. इन जिलों में विधानसभा की 28 सीटें हैं. 

- मुरादाबाद में करीब 4 लाख (15.76%) वोटर कम हुए हैं.

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- सहारनपुर में लगभग 4 लाख (16.37%) वोटर कम हुए हैं.

- मुजफ्फरनगर में करीब साढ़े 3 लाख (16.29%) वोटर कम हुए.

- रामपुर में लगभग 3 लाख (18.29%) वोटर कम हुए हैं.

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- संभल में करीब 3 लाख (18.29%) वोटर कम हुए हैं.

वहीं, पूरे राज्य की बात करें तो लखनऊ के बाद गाजियाबाद दूसरे नंबर पर है, जहां 28.83 फीसदी वोट कटे. यहां पहले 28 लाख वोटर थे, जो अब 20 लाख बचे हैं. बलरामपुर तीसरे नंबर पर है, 4 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम कटे.

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य में 15 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं. इनमें से लगभग 81% मतदाताओं ने खुद या अपने परिवार के किसी सदस्य के जरिए फॉर्म पर हस्ताक्षर करके वापस कर दिया. करीब 18% मतदाताओं ने फॉर्म वापस नहीं किया, जिसके अलग-अलग कारण थे. जांच में यह भी सामने आया-

- 46.23 लाख मतदाता अब जीवित नहीं हैं.

- 2.17 करोड़ मतदाता दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो चुके हैं.

- 25.47 लाख लोगों के नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज पाए गए.

ये भी पढ़ें: 15 करोड़ मतदाता वाले यूपी में कितने वोटर बचे? SIR के आंकड़े आ गए हैं

सोमवार, 6 जनवरी को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के साथ ही निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसकी अंतिम तारीख 6 फरवरी है. इसके अलावा, 6 जनवरी से उन मतदाताओं को नोटिस भेजने की प्रक्रिया भी शुरू होगी, जिनकी मैपिंग पूरी नहीं हो पाई है. केवल उन्हीं मतदाताओं को वैध रूप से मैप किया गया माना गया है, जिनके हस्ताक्षरित फॉर्म प्राप्त हुए हैं.

उत्तर प्रदेश में 91 प्रतिशत से अधिक मतदाता मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि जिनका सत्यापन अभी बाकी है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे.

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