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संभल जामा मस्जिद के सदर जफर अली अरेस्ट, हिंसा को लेकर बड़े आरोप लगे

Sambhal Violence: पुलिस और SIT की टीम ने पहले जफर अली को हिरासत में लेकर पूछताछ की. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इलाके में भारी संख्या में पुलिस और RAF के जवानों को तैनात किया गया है.

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यूपी पुलिस ने जामा मस्जिद के सदर एडवोकेट ज़फ़र अली को गिरफ्तार किया है. (तस्वीर-इंडिया टुडे)

यूपी के संभल में हुई हिंसा में पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए जामा मस्जिद के सदर एडवोकेट जफर अली को गिरफ्तार किया है. पुलिस और SIT की टीम ने पहले जफर अली को हिरासत में लेकर पूछताछ की. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया. वहीं जफर अली की गिरफ्तारी के बाद उनके साथी अधिवक्ता पुलिस की गाड़ी के पीछे भागते दिखे. लोगों ने ‘जफर अली ज़िंदाबाद’ के नारे लगाए. माहौल को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस और RAF के जवानों को तैनात किया गया है.

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इंडिया टुडे से जुड़े अभिनव माथुर की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार 23 मार्च को पुलिस ने जफर अली को गिरफ्तार किया. इसके बाद करीब 4 घंटे तक कोतवाली में पूछताछ की गई. वहीं जफर अली का मेडिकल परीक्षण भी संभल कोतवाली में कराया गया. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के दौरान अली ने मीडिया से कहा कि उन्होंने कोई दंगा नहीं भड़काया.

सदर जफर अली से बीती 24 नवंबर को भी संभल हिंसा के मामले में SIT ने पूछताछ की थी. पुलिस ने जामा मस्जिद के बाहर भारी संख्या में पुलिस, PAC और RAF तैनात कर दी है. जफर अली से पूछताछ के दौरान एडिशनल एसपी श्रीश चंद्र और CO सदर अनुज चौधरी मौजूद रहे. पुलिस की टीम ने आसपास के इलाकों में फ्लैग मार्च शुरू कर दिए हैं.

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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार ने बताया, ‘इस बात के सबूत जुटाए हैं कि पिछले साल हुई हिंसा के दौरान जफर अली ने लोगों को भड़काने में भूमिका निभाई थी. रविवार सुबह पुलिस ने उसे संभल में उसके घर से हिरासत में लिया. गिरफ्तार किए जाने से पहले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उससे कोतवाली थाने में पूछताछ की.’

क्या हुआ था?

बीती 19 नवंबर को जामा मस्जिद का सर्वे शुरू हुआ था. तब प्रशासन ने जफर अली को मामले की जानकारी दी थी. सर्वे के दौरान वहां भीड़ जुटनी शुरू हो गई. इससे सर्वे को बीच में ही रोकना पड़ा था. इसके बाद 24 नवंबर को फिर से सर्वे शुरु किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक इसकी जानकारी भी सबसे पहले जफर अली को प्रशासन द्वारा दी गई थी. 

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उस दौरान भी वहां भारी भीड़ जमा हुई. और फिर वहां पथराव हुआ. इसके बाद भीड़ ने हिंसा का रूप ले लिया. इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी. वहीं कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे. इसके बाद CM योगी आदित्यनाथ ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था.

पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन महिलाओं समेत 79 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. गिरफ्तारी के बाद से अब तक संभल के चंदौसी कोर्ट में, जेल में बंद आरोपियों की ओर से 130 जमानत याचिकाएं दाखिल की जा चुकी हैं. स्थानीय कोर्ट से अभी तक किसी को भी जमानत नहीं मिली है.

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