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छात्र आंदोलन के बीच तेजपुर यूनिवर्सिटी के VC को छुट्टी पर भेजा गया, शिक्षा मंत्रालय की टीम करेगी जांच

Tezpur University में Students Protests को हाल ही में 100 दिन पूरे हुए थे, जिसके बाद छात्रों ने 24 घंटे की भूख हड़ताल रखी थी. हालांकि उनका कहना है कि अभी तक उनकी मांगे मानी नहीं गई हैं. इधर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने वीसी को छुट्टी पर भेजते हुए जांच कमेटी गठित कर दी है.

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तेजपुर यूनिवर्सिटी के वीसी शंभू नाथ सिंह को छुट्टी पर भेज दिया गया है. (Photo: ITG)

असम की तेजपुर यूनिवर्सिटी में महीनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद अब वाइस-चांसलर शंभू नाथ सिंह को छुट्टी पर भेज दिया गया है. उनकी जगह IIT गुवाहाटी के प्रोफेसर अमरेंद्र कुमार दास को अगले आदेश तक यूनिवर्सिटी का प्रो वाइस-चांसलर बनाया गया है. इसके अलावा स्टूडेंट्स की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई है. कमेटी तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर आदेश जारी किया है.

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जांच कमेटी का प्रमुख मणिपुर यूनिवर्सिटी के वीसी एन लोकेन्द्र सिंह को बनाया गया है. इसके अलावा नागालैंड यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो जगदीश कुमार पटनायक और यूजीसी सचिव मनीष आर जोशी भी इस कमेटी में शामिल हैं. जांच कमेटी असम के राज्यपाल द्वारा बनाई गई फैक्ट-फाइंडिंग टीम की रिपोर्ट और सिफारिशों पर भी गौर करेगी. इसके अलावा पता लगाएगी कि यूनिवर्सिटी में यह संकट किन परिस्थितियों में पैदा हुआ.

क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?

तेजपुर यूनिवर्सिटी में बीते तीन महीनों से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन चल रहा है. ये प्रदर्शन सितंबर में असम के कल्चरल आईकॉन सिंगर जुबीन गर्ग की मृत्यु पर यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट की ओर से उचित सम्मान न देने के आरोप पर शुरू हुआ था. लेकिन जल्द ही यह यूनिवर्सिटी में कथित भ्रष्टाचार, फाइनेंशियल गड़बड़ी और वीसी के महीनों से गायब रहने के विरोध में बदल गया. इसके बाद नवंबर के आखिरी हफ्तों में यह आंदोलन और तेज हो गया. इंडिया टुडे के मुताबिक 29 नवंबर तक यूनिवर्सिटी के मेन कैंपस गेट पर बैरिकेड लगा दिए गए, सभी एकेडमिक गतिविधियां बंद कर दी गईं और परीक्षाएं रद्द कर दी गईं. धरना प्रदर्शन चौबीसों घंटे जारी रहा, जिससे यूनिवर्सिटी का कामकाज ठप हो गया.

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कई अधिकारियों ने दिया इस्तीफा

इस बीच यूनिवर्सिटी के तत्कालीन रजिस्ट्रार इंचार्ज समेत कई अधिकारियों ने इस्तीफा भी दे दिया. बताया गया है कि 22 सितंबर से वीसी यूनिवर्सिटी के कैंपस आए ही नहीं हैं. अक्टूबर में असम के राज्यपाल, जो यूनिवर्सिटी के चांसलर भी हैं, ने IIT गुवाहाटी के डायरेक्टर देवेंद्र जलिहाल की अध्यक्षता में पूरे मामले पर एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का भी गठन किया था. केंद्र सरकार ने पिछले महीने संसद में एक सवाल के जवाब में बताया कि कमेटी की रिपोर्ट गवर्नर को सौंप दी गई थी.

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हालांकि, छात्रों का कहना है कि उनकी समस्या का अभी तक कोई हल नहीं मिला है. इस वजह से उन्होंने प्रदर्शन जारी रखा है. इंडिया टुडे नॉर्थ ईस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार, 29 दिसंबर को छात्रों के आंदोलन को 100 दिन पूरे हो गए. इस दौरान उन्होंने 24 घंटे की भूख हड़ताल भी की. बताया गया है कि छात्रों के प्रदर्शन को यूनिवर्सिटी के टीचर्स एसोसिएशन और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों का भी समर्थन मिला.

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वीडियो: तेजपुर यूनिवर्सिटी में 70 दिनों से चल रहा हंगामा, भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच बंद हुआ कैंपस

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