नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अमर्त्य सेन को चुनाव आयोग ने SIR से जुड़ा नोटिस भेजा था. इस पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया आ गई है. लेकिन मामला तूल पकड़ चुका है. तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने 6 जनवरी को चुनाव आयोग पर पश्चिम बंगाल के नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को नोटिस भेजा जाना बेहद दुखद है. उन्होंने कहा कि इसके पीछे 'राजनीतिक मंशा' है.
चुनाव आयोग ने नोबेल विजेता अमर्त्य सेन तक को SIR वाला नोटिस भेजा, फिर कहा- 'गलती से मिस्टेक हो गया'
हालांकि बाद में चुनाव आयोग के सूत्रों ने इंडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह नोटिस सिर्फ एक वर्तनी की गलती की वजह से जारी हुआ था और अमर्त्य सेन को व्यक्तिगत रूप से पेश होने की कोई जरूरत नहीं होगी.


हालांकि बाद में चुनाव आयोग के सूत्रों ने इंडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह नोटिस सिर्फ एक वर्तनी की गलती की वजह से जारी हुआ था और अमर्त्य सेन को व्यक्तिगत रूप से पेश होने की कोई जरूरत नहीं होगी.
आयोग से जुड़े सूत्रों ने कहा कि अमर्त्य सेन को भेजा गया नोटिस किसी जांच की वजह से नहीं, बल्कि एक तकनीकी गलती के कारण जारी हुआ था. पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अमर्त्य सेन के नाम की वर्तनी में कंप्यूटर सिस्टम में एक गलती हो गई थी, जिससे नाम का मिलान नहीं हो पाया. इसी कारण कंप्यूटर से अपने आप सेन को नोटिस जारी हो गया.
चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि अब यह गलती संबंधित बूथ लेवल अधिकारी द्वारा ठीक कर दी जाएगी. जैसे ही इस त्रुटि की जानकारी मिली, आयोग ने इसे जल्दी सुधारने का फैसला किया. हालांकि, आयोग ने अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक सार्वजनिक बयान नहीं दिया है.
इस बीच खबर ये भी आ चुकी है कि TMC सांसद दीपक अधिकारी और क्रिकेटर मोहम्मद शमी को भी नोटिस दिया गया है. तृणमूल कांग्रेस ने इसे राजनीति से जोड़ते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया.
एक रैली को संबोधित करते हुए, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने “बीजेपी और चुनाव आयोग की साठगांठ” का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर बंगाल की जानी-मानी हस्तियों को परेशान किया जा रहा है.
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि नोटिस सिर्फ अमर्त्य सेन को नहीं, बल्कि क्रिकेटर मोहम्मद शमी और अभिनेता देव को भी भेजे गए हैं. उनके मुताबिक, यह सभी को बदनाम करने और परेशान करने की कोशिश है.
उन्होंने सवाल उठाया कि अमर्त्य सेन जैसे व्यक्ति, जो देश का गौरव हैं और जिन्हें पूरी दुनिया सम्मान देती है, उनसे SIR की सुनवाई के लिए कैसे कहा जा सकता है. अभिषेक ने कहा कि SIR के नाम पर बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर बंगाल के लोगों को निशाना बना रहे हैं.
वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: पश्चिम बंगाल SIR में 58 लाख नाम कटे, TMC-BJP आपस में क्यों भिड़े?











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