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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन, हेमंत बोले- आज मैं शून्य हो गया

Bihar से अलग Jharkhand राज्य बनाने के आंदोलन में shibu soren की निर्णायक भूमिका रही है. वे तीन बार (2005, 2008 और 2009 में झारखंड के मुख्यमंत्री बने, लेकिन एक बार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके.

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन हो गया है. (इंडिया टुडे)

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक सदस्यों में से एक शिबू सोरेन का 81 साल की उम्र में निधन हो गया है. जून के आखिरी सप्ताह में किडनी से जुड़ी समस्या के चलते सोरेन को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पिछले कुछ दिनों से उनकी हालत नाजुक थी और वो वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे. 

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शिबू सोरेन के पुत्र और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके निधन की जानकारी दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,

 आदरणीय ‘दिशोम गुरुजी’ हम सभी को छोड़कर चले गए हैं. आज मैं शून्य हो गया हूं. 

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शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के सबसे बड़े नेता के तौर पर जाने जाते है. बिहार से अलग झारखंड राज्य बनवाने में उनकी अहम भूमिका रही. अपने समर्थकों के बीच दिशोम गुरु और गुरुजी के नाम से मशहूर शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को तत्कालीन बिहार (अब झारखंड) के हजारीबाग में हुआ था. 1970 के दशक में उन्होंने ‘धनकटनी आंदोलन’ और दूसरे आंदोलनों के जरिए आदिवासी समाज की आवाज बुलंद की.

शिबू सोरन ने पहली बार 1977 में चुनाव लड़ा. हालांकि इस चुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा. साल 1980 में दिशोम गुरु पहली बार संसद पहुंचे. इसके बाद ये सिलसिला कई बार चला. गुरुजी छह बार लोकसभा और तीन बार राज्यसभा से सांसद चुने गए हैं. साथ ही उन्होंने केंद्र में थोड़े-थोड़े अंतराल के लिए तीन बार कोयला मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाली. 

बिहार से अलग झारखंड राज्य बनाने के आंदोलन में उनकी निर्णायक भूमिका रही है. वे तीन बार (2005, 2008 और 2009 में झारखंड के मुख्यमंत्री बने, लेकिन एक बार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके. 

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3 बार के कार्यकाल में सिर्फ 10 महीने चली सरकार

शिबू सोरेन को तीन बार के कार्यकाल में 10 महीने 10 दिन ही राज्य की कमान संभालने का मौका मिला. सोरेन पहली बार 10 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे. इसके बाद दूसरी बार 28 अगस्त 2008 को वो दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने. इस बार उन्हें पांच महीेने तक मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने का मौका मिला. 18 जनवरी 2009 को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. 

फिर तीसरी बार 30 दिसंबर 2009 को शिबू सोरेन तीसरी बार राज्य के मुक्यमंत्री रहे. इस बार भी उनका कार्यकाल पांच महीने का ही रहा. 31 मई 2009 को उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. 

वीडियो: शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन की कहानी जो झारखंड के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं

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