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कम मार्क्स आए तो डंडे से इतना पीटा कि बेटी की मौत हो गई

NEET Mock Test Low Marks: ये घटना अटपडी तहसील के नेलकरंजी गांव में घटी. दरअसल, साधना भोंसले प्री-मेडिकल टेस्ट, नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी NEET की तैयारी कर रही थी. इस दौरान उसने प्रैक्टिस के लिए एक मॉक टेस्ट दिया. लेकिन इस टेस्ट में उसे कम अंक मिले. जिससे उसके पिता नाराज़ हो गए. फिर पिता ने बेटी को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई.

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पुलिस ने बताया क्या हुआ था. (फ़ोटो- आजतक)

महाराष्ट्र के सांगली ज़िले में 45 साल के धोंडीराम भोंसले ने अपनी ही बेटी को डंडे से इस कदर पीटा कि उसकी मौत हो गई. बेटी की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसे NEET के मॉक टेस्ट में कम मार्क्स आए थे. स्थानीय पुलिस ने पत्नी की शिकायत मिलने के बाद धोंडीराम भोसले को गिरफ्तार कर लिया है. 

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एक अधिकारी ने बताया कि ये घटना अटपडी तहसील के नेलकरंजी गांव में घटी. दरअसल, साधना भोंसले प्री-मेडिकल टेस्ट, नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी NEET की तैयारी कर रही थी. इस दौरान उसने प्रैक्टिस के लिए एक मॉक टेस्ट दिया. लेकिन इस टेस्ट में उसे कम अंक मिले. जिससे उसके पिता नाराज़ हो गए.

गुस्से में पिता ने 17 साल की साधना को डंडे से बार-बार पीटा. इस दौरान साधना की मां और उसका भाई भी मौजूद थे. पिटाई के कारण साधना गंभीर रूप से घायल हो गई. खासकर सिर पर गंभीर चोटें आईं. फिर उसे सांगली के उषाकल अस्पताल ले जाया गया. लेकिन इलाज से पहले ही उसकी मौत हो गई.

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पुलिस ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि लड़की की मां ने 22 जून को स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया कि उसके पति ने कम नंबर आने के कारण बेटी की पिटाई की. अटपडी पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (1) और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया है.

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अटपडी पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर विनायक बहिर ने कहा, ‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उसकी मौत कई चोटों के कारण हुई.’ पुलिस की मानें तो धोंडीराम भोंसले ने अपनी बेटी की पिटाई करने की बात क़ुबूल कर ली है. फिलहाल वो 24 जून तक पुलिस हिरासत में है. बता दें, धोंडीराम ख़ुद एक स्कूल टीचर है.

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पुलिस के अनुसार, नाबालिग साधना ने 10वीं की परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और वो डॉक्टर बनना चाहती थी. वो पिछले तीन सालों से अटपडी में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी. वो एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए अपने पैतृक गांव आई थी.

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