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संभल हिंसा का मास्टरमाइंड साठा कौन है, जिसके घर की कुर्की हो गई?

2024 Sambhal Violence की जांच कर रही SIT ने शारिक साठा के घर पर नोटिस लगाया था. नोटिस लगाए जाने के बावजूद, हिंसा का मास्टरमाइंड Sharik Satha समय सीमा के अंदर पेश नहीं हुआ. अब उसकी संपत्ति की कुर्की की गई.

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शारिक साठा पर संभल हिंसा की साजिश रचने का आरोप है. (आजतक/PTI)
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अभिनव माथुर

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बुधवार, 21 जनवरी को संभल हिंसा के आरोपी शारिक साठा की संपत्ति कुर्क कर दी. साठा 2024 संभल हिंसा का आरोपी है. उसे ही मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. संभल में भारी पुलिस बल के साथ नखासा थाना क्षेत्र में साठा के घर की कुर्की को अंजाम दिया गया. शारिक साठा पर आरोप है कि वो दुबई से अपनी गैर-कानूनी गतिविधियां चला रहा है. साठा भारत की मोस्ट वांटेड गैंगेस्टर लिस्ट में भी शामिल है. 

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उसके खिलाफ 69 केस दर्ज हैं. साठा के खिलाफ दिल्ली के सेंट्रल और वेस्ट जिलों, उत्तर प्रदेश के संभल, मुरादाबाद, अमरोहा, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, हापुड़ और मुजफ्फरनगर जिलों और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले समेत कई जगहों पर मुकदमे हैं. उसका नाम लग्जरी गाड़ियों को चोरी करने वाले गैंग, गोल्ड स्मलिंग और हथियारों की अवैध तस्करी में लिया जाता है.

आजतक से जुड़े अभिनव माथुर की रिपोर्ट के मुताबिक, संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई (SP KK Bishnoi) ने बताया कि 24 नवंबर, 2024 को संभल में हुई हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साठा और उसके अन्य गुर्गों ने इस घटना को अंजाम दिया था. उन्होंने बताया कि साठा के अन्य गुर्गे पकड़े गए हैं, लेकिन साठा देश के बाहर है.

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SP बिश्नोई ने आगे कहा कि शारिक साठा का पासपोर्ट 2020 में बना था और वो देश छोड़कर भाग गया. उन्होंने आगे कहा,

“शारिक साठा को गिरफ्तार करना बहुत जरूरी है, जिसके लिए माननीय न्यायालय ने दो मामलों में कुर्की आदेश दिया है. जनपद की पुलिस उसकी गिरफ्तारी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय है.”

SP बिश्नोई ने संभल के संवेदनशील इलाके के बारे में बताते हुए कहा,

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"हिंसा की घटना वाले क्षेत्र में हाल ही में दीपराय चौकी स्थापित की गई है, क्योंकि हिस्ट्री शीटर्स के कंसंट्रेशन के हिसाब से जिला संभल में सबसे ज्यादा संख्या में हिस्ट्री शीटर्स यहीं रहते हैं और आतंकवादी गतिविधियों में भी संलिप्त मैक्सिमम संख्या में जनपद संभल से जितने भी लोग निकले हैं, वे इसी मोहल्ले में रहते हैं. इन सभी को मद्देनजर रखते हुए आज जनपद की पुलिस के द्वारा यहां कुर्की की कार्रवाई की जा रही है."

पुलिस ने शारिक साठा की क्राइम कुंडली भी खोली. SP बिश्नोई ने बताया कि साठा किस तरह अपनी अवैध गतिविधियां चलाता है. उन्होंने कहा,

"जंगी ऐप के जरिए शारिक साठा की गतिविधियां चल रही थीं. उसका मुख्य गुर्गा गुलाम NCR से हर साल कम से कम 250 से 300 लग्जरी गाड़ियां चोरी करके नॉर्थ-ईस्ट, नेपाल, बर्मा जैसी जगहों पर बेचता था. इससे वो गैरकानूनी तरीके से देश में हथियार सप्लाई, फेक करेंसी मॉड्यूल और गोल्ड स्मगलिंग जैसे काम करता था. पुलिस के पास इसके एविडेंस हैं. इसके गुर्गे पकड़े जाने से इन गतिविधियों पर रोक लगी है."

शारिक साठा के D कंपनी से जुड़ने की संभावना पर SP बिश्ननोई ने बताया कि इस तरह की तमाम अवैध गतिविधियां चलाने वाले शख्स के इस तरह के जुड़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता है. पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है.

पुलिस ने शारिक साठा गैंग के तीन सदस्यों- मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस को संभल हिंसा के दौरान मारे गए चार में से तीन युवकों की हत्या और अशांति के दौरान हथियार सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. 2024 में संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी थी.

25 अक्टूबर, 2025 को संभल हिंसा की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT ) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 के तहत शारिक साठा के घर पर उद्घोषणा का नोटिस लगाया था. नोटिस लगाए जाने के बावजूद, हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साठा 30 दिन की समय सीमा के अंदर पेश नहीं हुआ.

26 नवंबर, 2025 को SIT ने शारिक साठा के खिलाफ कोर्ट के आदेश के बावजूद कोर्ट में पेश ना होने पर कोर्ट की अवमानना ​​के लिए दो नए केस दर्ज किए. 31 दिसंबर, 2025 को SIT ने शारिक साठा के खिलाफ कोर्ट की अवमानना ​​का तीसरा केस दर्ज किया. अब संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा की संपत्ति कुर्क करने के लिए कोर्ट ने स्थायी वारंट जारी किया, जिसके तहत कुर्की की कार्रवाई पूरी हुई.

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