उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रेप का आरोपी बेल पर बाहर आया तो 'नेशनल हीरो' जैसा स्वागत हुआ. आरोपी लगभग 9 महीने बाद जेल से बाहर आया है. इसकी खुशी उसके समर्थक छिपा नहीं पाए और रेप के आरोपी के लिए रोड शो निकाल दिया. उसे माला पहनाई, फूल बरसाए और कंधे पर भी बैठाया. फिर इस ‘जश्न’ के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए. अब इस पर विवाद खड़ा हो गया है.
गाजियाबाद में रेप के आरोपी का 'नेशनल हीरो' जैसा स्वागत, समर्थकों ने हद कर दी
Ghaziabad rape accused released viral video: गाजियाबाद का रहने वाला आरोपी सुशील प्रजापति हिंदू युवा वाहिनी की एक इकाई का पूर्व नगर अध्यक्ष बताया गया है. उस पर एक LLB छात्रा के साथ रेप करने का आरोप है.


गाजियाबाद का रहने वाला आरोपी सुशील प्रजापति हिंदू युवा वाहिनी की एक इकाई का पूर्व नगर अध्यक्ष बताया गया है. उस पर एक LLB छात्रा के साथ रेप करने का आरोप है. इंडिया टुडे से जुड़े मयंक गौड़ की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदीनगर निवासी एलएलबी छात्रा ने 8 अगस्त 2025 में मुरादनगर थाने में सुशील प्रजापति के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप था कि उसने पीड़िता को गाजियाबाद कोर्ट में चैंबर दिलाने और प्रैक्टिस में मदद का भरोसा देकर अपने जाल में फंसाया था.
2021 में हुई थी पीड़िता और आरोपी की मुलाकात
पीड़िता ने बताया कि सुशील प्रजापति से उसकी मुलाकात नवंबर 2021 में हुई थी. बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी लगातार उससे संपर्क में रहने लगा. वो लॉ की पढ़ाई के साथ मेरठ कोर्ट में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के पास प्रैक्टिस कर रही थी. इस पर सुशील ने उसे गाजियाबाद कोर्ट में बैठने की सलाह दी और ‘व्यवस्था’ कराने की बात भी कही.
आरोप है कि इसी बहाने आरोपी उसे थार गाड़ी से एक फ्लैट पर ले गया, जहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसके साथ रेप किया. पीड़िता का आरोप है कि वारदात के बाद आरोपी ने उसे धमकी दी. कहा कि किसी को घटना की जानकारी दी, तो जान से मार दिया जाएगा. फिर आरोपी छात्रा को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गया.
पुलिस ने आरोपी पर रखा था 25 हजार का इनाम
शिकायत के आधार पर पुलिस ने सुशील प्रजापति के खिलाफ मामला दर्ज किया. उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया. 11 अगस्त 2025 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान भी कुछ संगठनों के कार्यकर्ता मुरादनगर थाने पहुंच गए थे. वहां उन्होंने जमकर हंगामा किया था.
ऐसे में जब लगभग 9 महीने बाद सुशील 17 मई को जमानत पर जेल से बाहर आया, तो उसके समर्थकों ने खुशी में जुलूस निकाला. और एक वेलकम प्रोग्राम रखा. वायरल वीडियो में लोग आरोपी पर फूल बरसाते और नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं.
वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है. डीसीपी ग्रामीण सुरेन्द्र नाथ तिवारी ने कहा कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है. मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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