सरकारी स्कूल का गेट बंद था, तो गांव वाले दीवार फांदकर अंदर घुस गए. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हेडमास्टर ‘चुपके से स्कूल में नॉनवेज’ खाना बनवा रहे थे. बात शिक्षा विभाग तक पहुंची, तो हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया. मगर जब जांच कमेटी स्कूल किचन का मुआयना करने गई, तो नॉनवेज के बजाय केवल आलू और फूलगोभी की करी मिली.
'स्कूल में नॉनवेज पक रहा' सुनते ही गांववालों ने धावा बोल दिया, हेडमास्टर सस्पेंड, फिर आया ट्विस्ट
Rajasthan School Headmaster Suspend: स्कूल किचन के कुक से जांच कमेटी ने वीडियो में दिख रही करी के बारे में पूछा तो उसने इसे आलू-फूलगोभी की करी बताया. कुक अपने बयान पर कायम रहा कि उसने Non-Veg खाना नहीं पकाया था.


घटना राजस्थान के सवाई माधोपुर जिला स्थित गंगापुर सिटी तहसील के तालाब की ढाणी इलाके में हुई. यहां बीती 12 जनवरी को स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया कि सरकारी स्कूल के हेडमास्टर ने बच्चों को जल्दी छुट्टी दे दी और स्कूल किचन में ही मांस और टिक्के पकवाने लगे.
दैनिक भास्कर इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक, गांव वालों ने यह भी आरोप लगाया कि हेडमास्टर ने स्कूल का मेन गेट अंदर से बंद कर दिया. उनका दावा है कि नशे की हालत में हेडमास्टर धूप में बैठे थे. गांव वालों को शक हुआ, तो वे स्कूल में घुस गए और नॉनवेज पकाने पर अपनी आपत्ति जताई. सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें हेडमास्टर अमर सिंह मीणा ने कथित तौर पर बिना किसी ठोस वजह के स्कूल बंद कर दिया. आरोप लगा कि उन्होंने स्कूल में नॉनवेज पकवाया.
शुरुआती जांच के बाद सवाई माधोपुर में एलिमेंट्री एजुकेशन के डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (हेडक्वार्टर) देवीलाल मीणा ने हेडमास्टर को संदिग्ध व्यवहार का हवाला देते हुए सस्पेंड कर दिया. ऑर्डर के मुताबिक, सस्पेंशन पीरियड के दौरान अमर सिंह मीणा का हेडक्वार्टर चीफ ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर, समग्र शिक्षा, सवाई माधोपुर के ऑफिस में तय किया गया है.
गहन जांच के लिए शिक्षा विभाग ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई, जिनमें हिंगोटिया स्कूल के प्रिंसिपल विजय सांखला, महात्मा गांधी सरकारी स्कूल, सपेरा बस्ती के प्रिंसिपल जितेंद्र लोढ़ा और रेती स्कूल के प्रिंसिपल कपिल शर्मा शामिल हैं.
कमेटी ने मंगलवार, 13 जनवरी को तालाब की ढाणी स्थित सरकारी स्कूल का दौरा किया. गांव वालों, हेडमास्टर और कुक के बयान दर्ज किए गए. जांच के दौरान कमेटी को स्कूल किचन में आलू और फूलगोभी की करी मिली.
कुक ने कमेटी को बताया कि सोमवार को उसने यही डिश पकाई थी. जब उससे वीडियो में दिख रही करी के बारे में पूछा गया, तो वो अपने बयान पर कायम रहा कि नॉनवेज खाना नहीं पकाया गया. कमेटी ने जांच की रिपोर्ट बनाकर सीनियर अधिकारियों को भेज दी है.
हेडमास्टर अमर सिंह मीणा ने भी अपने खिलाफ लगे आरोपों को खारिज किया है. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, अमर सिंह मीणा ने कहा कि एक महिला अधिकारी मनरेगा के कामकाज की जांच के लिए गांव आई थीं. हेडमास्टर के मुताबिक, महिला अधिकारी ने उनसे स्कूल के कामकाज के बारे में भी पूछा.
अमर सिंह मीणा ने आगे बताया, "गांव में रामलीला हो रही थी और एक परिवार ने खाने का इंतजाम किया था. बच्चे वहां खाना खाने गए थे."
उन्होंने आगे कहा कि वे किचन में नहीं गए थे और उन्हें नहीं पता था कि क्या खाना बन रहा था. उन्होंने दावा किया, "कुक खाना बना रहा था. मुझे इसकी जानकारी नहीं थी."
हालांकि, गांव वालों ने इन दावों का विरोध किया है. एक ग्रामीण सीताराम गुर्जर ने आरोप लगाया कि हेडमास्टर ने बच्चों को जल्दी छुट्टी दे दी और स्कूल का गेट अंदर से बंद कर दिया. सीताराम ने आरोप लगाया,
“जब हम अंदर घुसे, तो हेडमास्टर बाहर धूप में बैठे थे और बहुत ज्यादा नशे में थे. वे टिक्का और नॉनवेज खाना बनवा रहे थे.”
उन्होंने आगे दावा किया कि जब उनसे पूछा गया, तो हेडमास्टर ने उन्हें शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने की चुनौती दी. गुर्जर ने कहा,
"टीचर समाज का आईना होते हैं. अगर टीचर ही ऐसे काम करेंगे, तो बच्चों को संस्कार कैसे सिखाए जा सकते हैं?"
उन्होंने हेडमास्टर को तुरंत नौकरी से निकालने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
वहीं, कुक इंद्रराज ने जांच कमेटी को बताया कि उसने केवल आलू-फूलगोभी करी बनाई थी. उसने दावा किया कि अंधेरा होने की वजह से वो कोई और सब्जी नहीं देख पाया. उसने नॉनवेज पकाने के आरोप का पूरी तरह खंडन किया.
हालांकि मामले एक ट्विस्ट और है. इंटरनेट पर एक सरकारी स्कूल का वीडियो वायरल है. वीडियो इसी स्कूल का बताया जा रहा है. इसमें स्कूल के किचन में कुक एक डिश बना रहा है. और देखकर लगता नहीं कि ये डिश आलू-गोभी की सब्जी थी. फुटेज में साफ दिख रहा है कि पतीले में मटन पक रहा है. सवाल बनता है कि जांच अधिकारियों को मटन कैसे नहीं मिला? क्या निलंबित हेडमास्टर और कुक झूठ बोल रहे हैं?
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