बिहार चुनाव में महागठबंधन को करारी हार मिली है लेकिन माफिया शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब की सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) खुश हो सकती है. यहां पार्टी के प्रत्याशी ओसामा शहाब चुनाव जीत गए हैं. उन्हें 88 हजार 278 वोट मिले. जबकि उनके करीबी प्रतिद्वंदी जनता दल (यूनाइटेड) के विकास कुमार सिंह को 79 हजार 30 वोट मिले. शहाब ने 9 हजार 248 वोटों से जीत हासिल की है. तीसरे स्थान पर रहे जनसुराज के प्रत्याशी राहुल कीर्ति को सिर्फ 3 हजार 71 वोट मिले.
रघुनाथपुर से शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब का क्या हुआ?
शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब की सीट पर सबकी नजरें हैं. माफिया शहाबुद्दीन के निधन के बाद पहली बार बिहार में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. आरजेडी ने अपने सिटिंग विधायक का टिकट काटकर ओसामा को लड़ाया है.


| प्रत्याशी | ओसामा शहाब (RJD) | विकास सिंह (JDU) | राहुल कीर्ति (जनसुराज) | उपेंद्र सिंह (निर्दलीय) |
| वोट | 88278 | 79030 | 3071 | 2909 |
रघुनाथपुर सीट पर सबकी नजर इसलिए थी क्योंकि आरजेडी ने यहां अपने सिटिंग विधायक का टिकट काटकर शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को उम्मीदवार बनाया था. सीवान से आरजेडी के सांसद रहे शहाबुद्दीन अब इस दुनिया में नहीं हैं. 1 मई 2021 को उनके निधन के बाद इस बार बिहार में पहली बार विधानसभा चुनाव हुआ. ऐसे में शहाबुद्दीन की विरासत को आगे बढ़ाने के दावेदार उनके बेटे के लिए ये चुनाव बड़ी परीक्षा थी, जिसमें वो पास हो गए हैं.
आरजेडी के मुखिया लालू प्रसाद यादव ने खुद ओसामा शहाब को रघुनाथपुर का टिकट थमाया था. पीले रंग के लिफाफे के साथ लालू और ओसामा की तस्वीर भी सामने आई थी, जिसमें तेजस्वी यादव भी दिख रहे थे.

शहाबुद्दीन के बेटे को लड़ाने के लिए राजद के मौजूदा विधायक और रघुनाथपुर में पहली बार ‘लालटेन जलाने वाले’ विधायक हरिशंकर यादव ने अपनी सीट ही खाली कर दी थी. वह शहाबुद्दीन परिवार के काफी करीबी माने जाते हैं.
रघुनाथपुर सीट का इतिहासरघुनाथपुर सीट पर साल 2015 में पहली बार राजद की जीत हुई थी. तब हरिशंकर यादव ने 41 फीसदी वोटों के साथ भाजपा के मनोज कुमार सिंह को हराया था. 2020 में भी हरिशंकर यादव का दबदबा कायम रहा. उनका वोट प्रतिशत भी बढ़ा और 42 फीसदी वोटों के साथ वह इस बार एलजेपी से खड़े मनोज कुमार सिंह को दोबारा हरा दिया. हरिशंकर को जहां 67 हजार 757 वोट मिले. वहीं, LJP कैंडिडेट मनोज सिंह को 49 हजार 792 वोट मिले थे. जेडीयू के राजेश्वर चौहान तीसरे नंबर पर रहे. 2010 में यह सीट बीजेपी के पास थी और विक्रम कुंवर यहां से विधायक थे.
दो बार आरजेडी को जिताने वाले हरिशंकर की जगह शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को टिकट देकर आरजेडी ने बड़ा दांव खेला है.
रॉबिन हुड छवि वाले शहाबुद्दीन सीवान सीट से आरजेडी के सांसद थे. साल 1996 से वह पहली बार यहां से लड़े थे. बाद में सजायाफ्ता होने के बाद उनकी पत्नी हिना शहाब को राजद ने 2009 में सीवान से लड़ाया लेकिन वो चुनाव हार गईं. 2014 और 2019 में भी वह इस सीट पर राजद को जीत नहीं दिला सकीं.साल 2024 के लोकसभा चुनाव में आरजेडी ने इस सीट पर अवध बिहारी चौधरी को खड़ा कर दिया तो हिना शहाब ने निर्दलीय दावा ठोक दिया. इस चुनाव में न तो हिना जीतीं और न अवध बिहारी. दोनों की लड़ाई में जेडीयू की विजयलक्ष्मी ने बाजी मार ली.
कुल मिलाकर शहाबुद्दीन चुनाव नहीं लड़े तो उनके परिवार का साथ जनता ने नहीं दिया. फिर भी राजद ने ओसामा को टिकट दिया है और उम्मीद की है कि दिवंगत शहाबुद्दीन की सहानुभूति में उन्हें जीत मिल सकती है.
रघुनाथपुर सीट पर मुस्लिम मतदाता सबसे ज्यादा 23 प्रतिशत हैं. यादव 12 प्रतिशत और राजपूत 10 प्रतिशत हैं. ब्राह्मण, दलित और अति पिछड़ी जातियां भी निर्णायक हैं.
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