Noida Flower Show 2026: ‘मुफ्त की शराब काजी को भी हलाल है.’ यानी फ्री की चीज मिले तो उसे लूट लेने में भी ‘पाप’ नहीं है. उस पर ऐसा टूट पड़ो, जैसे आज ही दुनिया खत्म होने वाली है. ‘सब तो कर रहे हैं. हम क्यों न करें’ कुछ भी किए जाने का ऐसा सिद्धांत है, जिसके आगे सारे ही सिविक सेंस फेल हो जाएं. अब नोएडा के इस फ्लावर शो को ही लीजिए. तमाम किस्मों के सुंदर-सुंदर फूलों की प्रदर्शनी लगी थी. दूर-दूर से लोग इसे देखने आ रहे थे.
नोएडा फ्लावर फेस्टिवल को भारतीयों ने नोच डाला, वीडियो बनाने वाले पर ही चढ़ बैठे
Noida Flower Show: नोएडा में चार दिनों की पुष्प प्रदर्शनी लगी थी. अलग-अलग किस्मों के 29 तरह के फूल यहां लगाए गए थे. इसे देखने के लिए इतने लोग आए. फिर क्या था! किसी एक ने फूलों की सजावट से फूल नोचे. फिर ढेर सारे ‘फूल नोचक’ बाहर निकल आए. देखते-देखते प्रदर्शनी की पूरी ‘शोभा’ उजड़ गई और एक-एक करके लोग ‘फ्लावर शो’ से फूल लूट ले गए.


लेकिन कुछ लोगों को लगा कि सिर्फ देखकर ही कैसे मन भरे. ‘दो आंखों से कितना ही देखा जा सकता है.’ उनके मन में विचार आया कि फूल ही उठा ले चलो. घर पर रहेगा तो देखते ही रहेंगे. जब तक मन न भरे. अब प्रदर्शनी खराब होती है तो होती रहे. दुुनिया की जितनी भी अच्छी और सुंदर लगने वाली चीज है, उस पर तो हमारा ही हक है. उसे तो हमारे ही घर पर होना चाहिए.
फिर क्या था! किसी एक ने फूलों की सजावट से फूल नोचे. फिर ढेर सारे ‘फूल नोचक’ बाहर निकल आए. देखते-देखते प्रदर्शनी की पूरी ‘शोभा’ उजड़ गई और एक-एक करके लोग ‘फ्लावर शो’ से फूल लूट ले गए.
इन सबसे आपको लखनऊ का एक और वाकया याद आया होगा. वहां मेहमानों के स्वागत के लिए सरकार ने सड़कों पर गमले लगवाए थे. कार्यक्रम खत्म होते ही लोग गमले अपनी स्कूटी में भर-भरकर ले भागे. ठीक ऐसा ही हुआ नोएडा सेक्टर-33 के शिवालिक पार्क में आयोजित पुष्प प्रदर्शनी में.
यह चार दिनों की प्रदर्शनी थी. अलग-अलग किस्मों के 29 तरह के फूल यहां लगाए गए थे. इसे देखने के लिए इतने लोग आए कि सड़कें जाम हो गईं. पुलिस को कई जगहों पर लूप और यूटर्न बंद करना पड़ा. हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा प्राधिकरण ने दावा किया कि चार दिन तक सही-सलामत चली इस पुष्प प्रदर्शनी के आखिरी दिन 4 लाख से ज्यादा लोग आए थे. लेकिन ‘चार लोगों’ ने सारी कवायद का ‘कबाड़ा’ कर दिया. जैसे ही प्रदर्शनी खत्म हुई, लोग खुलेआम फूल और गमले लूटकर ले जाने लगे.
एक शख्स ने इन सबका वीडियो बना लिया. इंस्टाग्राम पर वायरल इस वीडियो में वह लोगों को उनके ‘सिविक सेंस’ के लिए ‘धिक्कारता’ भी दिखता है. लेकिन लोग कहां मानने वाले हैं. एक महिला प्रदर्शनी से फूल उठाने लगीं तो वीडियो बनाने वाले ने उन्हें टोका. कहा, ‘जरा सी शर्म हो तो फूल वापस रख दो.’ महिला ऐसा कहते ही तमतमा गईं. उन्होंने अकड़ में फूल फेंक दिया. फिर वो और उनका परिवार वीडियो बनाने वाले शख्स से भिड़ गए कि उसने क्यों उन्हीं से फूल रखने को कह दिया. जबकि ढेर सारे लोग वहां से फूल ले जा रहे थे.
सूरज कुमार बौद्ध नाम के शख्स ने ‘एक्स’ पर एक और वीडियो पोस्ट किया है. इसके कैप्शन में लिखा है,
नोएडा के शिवालिक पार्क का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग पब्लिक डेकोरेशन के लिए रखे फूल चुराते दिख रहे हैं. वे सभी पढ़े-लिखे हैं और दिल्ली-NCR के रहने वाले हैं, लेकिन उनकी सिविक सेंस देखिए. शर्मनाक!
वीडियो में आपको लोग प्रदर्शनी से फूल नोचते दिखेंगे. लोग फूलों की क्यारियां फांदकर एक पोल पर लगे फूलों को भी तोड़ते दिखेंगे. वीडियो से कुछ ‘सिविक सेंस’ वाले लोगों की आवाजें भी सुनाई देंगी, जिसमें वो कह रहे हैं,
‘ये सारे लोग डेकोरेशन देखने आ नहीं रहे हैं. डेकोरेशन को ये लोग खराब कर रहे हैं. देख लो. सब तो पढ़े-लिखे ही नजर आ रहे हैं.’
‘ये कितना गलत है. सारे पढ़े-लिखे आदमी हैं और इस तरह से कर रहे हैं.’
'समझ में नहीं आ रहा है. यहां लोग डेकोरेशन देखने के लिए आ रहे हैं और इस तरह से डिस्ट्रॉय (बर्बाद) कर रहे हैं.’
‘ऐसा नहीं कोई गंवार है. सब पढ़े-लिखे हैं और वो इस तरह से कर रहे हैं.’
इसी पोस्ट के कॉमेंट बॉक्स में भी एक्स यूजर्स ने ऐसे ‘जीरो सिविक सेंस’ वालों को लताड़ा है. एक ने नोचे जाने से पहले फूलों की प्रदर्शनी की फोटो डाली है, जो देखने में काफी भव्य लग रहा है. एक ने लिखा,
पैसे और पढ़ाई से न तो क्लास खरीदी जा सकती है और न ही सिविक सेंस.
दूसरे ने लिखा,
सिविक सेंस एक महंगी चीज है. सस्ते लोगों से इसकी उम्मीद मत करो.
तीसरे ने लिखा कि ऐसी हरकतों के बाद लोग भारत की तुलना फर्स्ट वर्ल्ड के देशों (विकसित) से करते हैं.
इस पूरे वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर सिविक सेंस को लेकर फिर बहस शुरू हो गई. हालांकि, यह सिविक सेंस ‘फोटो खिंचाते या वीडियो बनाते लोगों के पीछे गलती से आ जाने वाला’ सेंस नहीं था, जो हाल ही में इंस्टाग्राम पर यूजर्स के बीच एक मजाकिया ट्रेंड बन गया था. यहां इस मुद्दे पर गंभीरता से बहस हुई. लोगों ने चिंता जताई कि सार्वजनिक संपत्तियों को लेकर नागरिक जिम्मेदारी का बोध लोगों को कब होगा?
वीडियो: गोवा में धारा 39A के खिलाफ सड़कों पर लोग, क्या हरी-भरी ज़मीनों को काटा जाएगा?











.webp?width=275)



.webp?width=120)




