ट्रंप सरकार में हिरासत में लिए गए प्रवासियों की हालत बेहद खराब है. साल की शुरुआत में ही करीब चार प्रवासियों की इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में मौत हो गई. रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले साल यानी 2025 में करीब 30 प्रवासियों की हिरासत में मौत हो गई थी. यह आंकड़ा पिछले दो दशकों में सबसे ज्यादा है.
अमेरिकी हिरासत में मर रहे प्रवासी, ट्रंप के आने के बाद बढ़ा आंकड़ा, साल की शुरुआत में ही चार की मौत
Migrants Death in US Immigration Custody: रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले साल यानी 2025 में करीब 30 प्रवासियों की हिरासत में मौत हो गई थी. यह आंकड़ा पिछले दो दशकों में सबसे ज्यादा है.


यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट (ICE) के मुताबिक, 2026 में हिरासत में लिए जाने के दौरान कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है. ये सभी मौतें साल के पहले 10 दिनों में हुईं, जिनमें से तीन मौतें 9-10 जनवरी के बीच हुईं.
सभी प्रवासी पुरुष थे और उनकी उम्र 42 से 68 साल के बीच थी. इनमें से दो होंडुरास के नागरिक थे, एक क्यूबा का और चौथा शख्स कंबोडिया का था. इनमें से दो लोगों की मौत ‘दिल से जुड़ी बीमारियों की वजह से’ बताई जा रही है. जबकि बाकी दो लोगों की मौत की वजह स्पष्ट नहीं है.
क्यूबा के रहने वाले गेराल्डो लुनास कैम्पोस (55) की 3 जनवरी को कैंप ईस्ट मोंटाना में मौत हो गई, जो टेक्सास का इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर है. ICE ने कहा कि वह लुनास की मौत की जांच कर रही है और बताया कि वह उत्पाती (अशांत) हो गया था, इसलिए उसे आइसोलेशन में रखा गया था. बाद में उसकी मौत हो गई.
7 जनवरी को अमेरिका के मिनेसोटा में ICE ऑफिसर ने विरोध प्रदर्शन के दौरान 37 साल की महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी. महिला की पहचान रेनी निकोल गुड के रूप में हुई है, जो तीन बच्चों की मां थीं और हाल ही में शहर में रहने आई थीं. इसके बाद स्थानीय और राज्य अधिकारियों ने ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन कार्रवाई को खत्म करने की मांग की.
ट्रंप प्रशासन का मकसद लोगों को देश से जल्दी से जल्दी बाहर निकलना है. इसके लिए ज्यादा प्रवासियों को हिरासत में रखा जा रहा है. 7 जनवरी तक, ICE के मुताबिक करीब 69,000 लोग हिरासत में थे. पिछले साल अमेरिकी संसद ने ICE को बहुत ज्यादा पैसा दिया था, इसलिए माना जा रहा था कि हिरासत में लिए जाने वालों की संख्या बढ़ेगी.
2025 में 30 लोगों की मौत
साल 2025 में हिरासत में रहते हुए कम से कम 30 लोगों की मौत हुई. यह आंकड़ा पिछले दो दशकों में सबसे ज्यादा है. यह संख्या 2004 के बाद सबसे ज्यादा है. इसके एक साल पहले ही ICE बना था. 2025 में जितनी मौतें हुईं, उतनी पूरे बाइडन शासन (2021–2025) में मिलाकर भी नहीं हुई थीं. बाइडन के चार सालों में कुल 26 मौतें दर्ज की गई थीं.
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इलाज में भारी लापरवाही
मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि हिरासत में लिए गए लोगों को ठीक से इलाज नहीं मिलता. ACLU (अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन) की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, 95% मौतें रोकी जा सकती थीं, अगर सही समय पर ठीक इलाज मिला होता. इस रिपोर्ट ने 2017 से 2021 के बीच हुई मौतों की स्टडी की. इसमें पाया गया कि मरीजों का गलत इलाज किया गया या इलाज में बहुत देर की गई. कई मामलों में मरीजों की हालत को गंभीरता से लिया ही नहीं गया.
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