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'महाकुंभ भगदड़' के बाद सियासी बयानों का बवंडर! अखिलेश यादव ने कर दी सेना उतारने की मांग

Mahakumbh stampede: कांग्रेस के नेता Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge, समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav और आम आदमी पार्टी-शिवसेना (UBT) के नेताओं ने इस भगदड़ की स्थिति पर सवाल उठाए हैं.

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विपक्षी नेताओं ने भगदड़ के बाद गंभीर सवाल उठाए हैं. (फ़ोटो - PTI)

महाकुंभ में मची भगदड़ में कुछ लोगों के मरने और कई के घायल होने की आशंका जताई जा रही है. इस बीच, महाकुंभ में व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. देशभर के विपक्षी नेताओं ने इस भगदड़ का कारण सरकारी अव्यवस्था, VIP कल्चर, पुलिसिया और सरकारी भ्रष्टाचार को बताया है. इनमें कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के नेता शामिल हैं.

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने घटना पर दुख जताया और X पर पोस्ट किया,

इस दुखद घटना के लिए कुप्रबंधन, बदइंतजामी और आम श्रद्धालुओं की जगह VIP मूवमेंट पर प्रशासन का विशेष ध्यान होना ज़िम्मेदार है. आज जैसी दुखद घटना आगे न हो, इसके लिए सरकार को व्यवस्था में सुधार करना चाहिए. VIP कल्चर पर लगाम लगनी चाहिए. आम श्रद्धालुओं के ज़रूरतों की पूर्ति के लिए बेहतर इंतजाम करने चाहिए.

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राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से भी अपील की है कि वो पीड़ित परिवारों की मदद करें.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी आरोप लगाते हुए घटना के लिए ‘आधी अधूरी व्यवस्था, VIP मूवमेंट, मैनेजमेंट से ज़्यादा सेल्फ प्रमोशन पर ध्यान देना और बदइंतज़ामी’ को ज़िम्मेदार ठहराया है. उन्होंने घटना पर दुख जताया और X पर पोस्ट कर लिखा,

हज़ारों करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद ऐसी व्यवस्था होना निंदनीय है. अभी कई महत्वपूर्ण शाही स्नान बचे हैं, तो केंद्र और राज्य सरकारों को अब चेत जाना चाहिए. व्यवस्था को सुधारना चाहिए, ताकि आगे ऐसी अप्रिय घटनाएं न हों. श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा व मूवमेंट आदि की व्यवस्था में विस्तार करना चाहिए और VIP मूवमेंट पर लगाम लगानी चाहिए.

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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे ‘सरकारी बदइंतजामी’ के चलते होने वाला हादसा बताया है. अखिलेश यादव ने सरकार से घायलों को एंबुलेस की मदद देने, मृतकों के शवों को परिजनों को सौंपने, बिछड़े लोगों को मिलाने, हेलीकॉप्टर की मदद से निगरानी बढ़ाने समेत कई अपील की है. साथ ही, श्रद्धालुओं से इस कठिन समय में संयम और धैर्य से काम लने की अपील की है.

वहीं, एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने ‘व्यवस्था कायम करने के लिए महाकुंभ का प्रशासन और प्रबंधन तुरंत ही सेना को सौंपने’ की मांग की. उन्होंने लिखा,

‘विश्वस्तरीय व्यवस्था’ करने के प्रचार के दावों की सच्चाई अब जब सबके सामने आ गयी है, तो जो लोग इसका दावा और मिथ्या प्रचार कर रहे थे, उन्हें इस हादसे में हताहत हुए लोगों की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपना पद त्याग देना चाहिए.

ये भी पढ़ें - महाकुंभ भगदड़: एंबुलेंस में आग, प्रयागराज नहीं जाएंगी कुंभ स्पेशल ट्रेनें, एग्जाम सेंटर बदले

आम आदमी पार्टी (AAP) की तरफ़ से भी कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ को महाकुंभ में होना चाहिए था. लेकिन वो राजनीतिक प्रचार के लिए दिल्ली पहुंचे थे. AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने न्यूज़ एजेंसी PTI से कहा,

मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि जब इतने बड़े पैमाने पर आयोजन हुआ, तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए था. लोग कह रहे हैं कि सारी मेहनत VIP की सुरक्षा में चली गई, आम लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया. धर्म की नज़र में सभी समान हैं. हम भगदड़ से प्रभावित लोगों के साथ हैं.

उद्धव ठाकरे गुट वाले शिवसेना के प्रवक्ता आनंद दुबे का ने इस घटना पर कहा है,

जब अधिकारियों को पता था कि आज मौनी अमावस्या है और 10 करोड़ लोग वहां स्नान करेंगे, तो वो प्रबंधन के लिए सिर्फ़ पुलिस पर निर्भर क्यों रहे? उन्होंने भारतीय सेना से मदद क्यों नहीं मांगी, जो पूरी तरह सक्षम है?

समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल ने घटना का कारण ‘सरकारी अव्यवस्था, VIP गुंडागर्दी, पुलिसिया एवं सरकारी भ्रष्टाचार’ को बताया है.

इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मीडिया से बात की है. इस बातचीत में उन्होंने बताया है कि आज, मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ में भारी भीड़ है. करीब 8-10 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज में हैं. संगम नोज पर दबाव है.

उन्होंने आगे बताया कि बैरिकेड पार करने की कोशिश में कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. BJP अध्यक्ष जे.पी.नड्डा और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल लगातार रिपोर्ट ले रहे हैं. उच्च स्तरीय बैठक चल रही है, जिसमें मुख्य सचिव, DGP मौजूद हैं. फिलहाल, प्रयागराज में स्थिति नियंत्रण में है. लेकिन भीड़ का दबाव बरकरार है.

वीडियो: महाकुंभ: भगदड़ के बाद कुंभ में क्या स्थिति है?

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