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कोलकाता रेप-मर्डर केस में दोषी को फांसी या उम्रकैद? आज पता चल जाएगा

ट्रेनी महिला डॉक्टर की रेप और हत्या मामले में आरोपी की सज़ा पर फैसला आज सुनाया जाएगा. आज साफ हो जाएगा कि दोषी संजय को मृत्युदंड होगी या आजीवन कारावास. कोर्ट ने 18 जनवरी को मुख्य संजय रॉय को दोषी करार दिया था. फैसले में पुलिस और मेडिकल कॉलेज से जुड़ी कुछ चीज़ों की आलोचना भी की है.

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आरजी कर मुख्य आरोपी संजय रॉय के खिलाफ शनिवार को कोलकाता की एक अदालत ने फैसला सुनाया. (फोटो- फाइल)

कोलकाता में R G Kar Medical College में ट्रेनी महिला डॉक्टर के रेप और हत्या मामले में आरोपी की सज़ा पर फैसला आज यानी 20 जनवरी को सुनाया जाएगा. कोलकाता की स्पेशल कोर्ट ने 18 जनवरी को मुख्य आरोपी संजय रॉय (Sanjoy Roy) को दोषी करार दिया था. अदालत आज 12ः30 बजे अपना फैसला सुनाएगी. इसमें साफ हो जाएगा कि दोषी संजय को मृत्युदंड (Capital Punishment) होगी या आजीवन कारावास (Life Imprisonment).

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शनिवार को रॉय को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने कहा था, 

जिस तरह से आपने पीड़िता का गला घोंटा और उसे मारा, उसे देखते हुए यह आजीवन कारावास या मृत्युदंड भी हो सकता है.

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इंडिया टुडे के मुताबिक, संजय को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64, 66 और 103(1) के तहत मौत और हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था. इसमें अधिकतम आजीवन कारावास या मौत की सज़ा का प्रावधान है. जज ने शनिवार को कहा था कि  ने कहा कि 160 से ज्यादा पेज के फैसले में पीड़िता के पिता की ओर से उठाए गए कुछ सवालों का भी साफ तौर से जवाब मिलेगा. फैसले में पुलिस और मेडिकल कॉलेज से जुड़ी कुछ चीज़ों की आलोचना भी की है. 

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले की जांच कोलकाता पुलिस से लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी थी. फैसला सुनाए जाने के समय रॉय ने अदालत में दावा किया था कि उसे फंसाया गया है. दूसरी तरफ, मृतक डॉक्टर के माता-पिता ने न्याय देने के लिए अदालत का आभार व्यक्त किया है. सज़ा सुनाने से पहले पर मृतक डॉक्टर के पिता ने कहा,

अदालत की ओर से सभी बातों पर विचार करने के बाद हमें अच्छा फैसला मिलेगा. डीएनए रिपोर्ट में अन्य लोगों (अन्य आरोपियों) की मौजूदगी की पुष्टि हुई है. हम अदालतों का रुख कर रहे हैं, एक मामला हाईकोर्ट में चल रहा है जबकि दूसरा सुप्रीम कोर्ट में. हम अपनी बेटी के लिए न्याय चाहते हैं. हमें जहां भी जाना होगा, हम जाएंगे… 

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इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट के सीनियर वकील बिलवदल भट्टाचार्य ने कहा, 

मृत्यु दंड rarest of rare मामले में दिया जाता है. इस तथ्य पर कोई संदेह नहीं है कि यह महिला पर किए गए सबसे जघन्य अपराधों में से एक था. इस अपराध को बड़ी क्रूरता से अंजाम दिया गया था. लेकिन अहम सवाल ये है कि जांच एजेंसियां ​​कितनी सफल रहीं... सवाल यह है कि क्या केवल एक व्यक्ति ही दोषी पाया गया था? बहुत सारे सवाल बिना जवाब दिए ही रह जाएंगे.

सीनियर वकील जयंत नारायण चटर्जी ने कहते हैं,

रॉय को परिस्थितिजन्य साक्ष्य (circumstantial evidence) के आधार पर दोषी घोषित किया गया है. मुझे नहीं पता कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य का वज़न और मूल्य क्या है, लेकिन साथ ही यह भी समझना होगा कि जनता के भारी दबाव ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई है.

circumstantial evidence वह है जो सीधे जुर्म को साबित नहीं करता लेकिन उसकी कड़ियों को जोड़ने में मदद करता है.

बलात्कार और हत्या मामले में फैसला 162 दिनों के भीतर सुनाया गया है. ट्रेनी महिला डॉक्टर का शव पिछले साल 9 अगस्त को सुबह आर जी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के कैंपस के सेमिनार हॉल से बरामद किया गया था. सीबीआई के वकील ने इसे rarest of rare अपराध बताते हुए मृत्युदंड की मांग की है. इस जघन्य अपराध के कारण देशभर में आक्रोश फैल गया था. लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन हुए थे. कोलकाता पुलिस ने कथित सिविल वालंटियर रॉय को 10 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया था.

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