विरोधियों को ‘घुटने टेकने’ पर मजबूर कर देने की कसम खाने वाले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई का एक तगड़ा प्लान सामने आया है. इस प्लान के तहत अगर खामेनेई के सुरक्षा बल विरोध प्रदर्शनों को दबाने में नाकाम रहते हैं, या सेना और पुलिस में बगावत शुरू होती है, तो वो देश छोड़कर भाग सकते हैं. खामेनेई अपने सहयोगियों और परिवार के सदस्यों के साथ मॉस्को भागने की योजना बना रहे हैं.
अयातुल्लाह खामेनेई का ‘Plan B’ तैयार? इस देश भागने की तैयारी!
खामेनेई तेहरान से अपने करीबी 20 सहयोगियों और परिवार के सदस्यों के साथ मॉस्को जा सकते हैं.


ब्रिटिश अखबार द टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 86 वर्षीय खामेनेई तेहरान से अपने करीबी 20 सहयोगियों और परिवार के सदस्यों के साथ मॉस्को जा सकते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि ये 'प्लान बी' तब सक्रिय होगा, जब खामेनेई को लगेगा कि सेना, इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और अन्य सुरक्षा बल उनके आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं. ऐसा उस स्थिति में हो सकता है जब देश की सेना विरोधियों के समर्थन में जाए, या बगावत करने लगे.
इस योजना में उनके बेटे और संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई भी शामिल हैं. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, खामेनेई ने तेहरान से निकलने का एक सुरक्षित रास्ता पहले से तैयार कर रखा है. इसमें विदेशों में संपत्तियां, नकदी और अन्य संसाधन जुटाने का प्रावधान है, ताकि भागने में कोई दिक्कत न आए. खामेनेई के पास सेताद नामक एक शक्तिशाली संगठन के जरिए भारी संपत्तियां हैं. 2013 की रॉयटर्स जांच के अनुसार, इनकी कुल कीमत करीब 95 अरब डॉलर (लगभग 7 लाख 60 हजार करोड़ रुपये) बताई गई थी, जिसमें कंपनियां, जमीनें और अन्य संपत्तियां शामिल हैं.
1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान छोड़ चुके पूर्व इजरायली खुफिया अधिकारी बेनी सब्ती ने द टाइम्स को बताया कि खामेनेई के लिए मॉस्को ही एकमात्र सुरक्षित जगह है. उन्होंने कहा,
"वहां के अलावा उनके लिए कोई अन्य जगह नहीं है."
सब्ती के अनुसार, खामेनेई रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बहुत तारीफ करते हैं और ईरानी संस्कृति रूसी संस्कृति से काफी मिलती-जुलती है. ये योजना उनके सहयोगी सीरियाई नेता बशर अल-असद के भागने से प्रेरित लगती है. दिसंबर 2024 में, जब विपक्षी ताकतें दमिश्क पर कब्जा करने वाली थीं, तब असद एक विमान से परिवार के साथ मॉस्को भाग गए थे. खामेनेई भी इसी तरह की रणनीति अपना सकते हैं.
पश्चिमी खुफिया एजेंसियों की एक साइकोलॉजिकल रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई पिछले साल इजरायल के साथ 12 दिनों के युद्ध के बाद मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो गए हैं. उन्हें पैरानॉयड बताया गया है. हाल के विरोध प्रदर्शनों में वो सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए.
ईरान में आर्थिक संकट, महंगाई, बेरोजगारी और बिजली-पानी की कमी के कारण बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं और सुरक्षा बलों पर अत्याचार का आरोप लगा रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्लामी गणराज्य अब 'सर्वाइवल मोड' में है और खामेनेई का ये प्लान उनकी बढ़ती चिंता को दर्शाता है.
वीडियो: दुनियादारी: ईरान में जेन-जी के प्रदर्शन पर क्या करेंगे खामेनेई?






















