कर्नाटक के मैसूर जिले में एक परिवार के तीन लोगों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. मृतकों ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है. जिसमें उन्होंने मौत का जिम्मेदार उल्लास गौड़ा को ठहराया. आरोप है कि उल्लास ने परिवार की बेटी की कुछ प्राइवेट तस्वीरें उसके मंगेतर को भेज दी थीं. आरोपी फरार चल रहा है. उसकी तलाश की जा रही है.
शादी की तैयारी पूरी थी, तभी लड़की के मंगेतर के पास पहुंची निजी तस्वीरें, अगले दिन घर में 3 शव मिले
Karnataka three Family members suicide: कर्नाटक के मैसूर में एक परिवार के तीन लोगों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. आरोप है कि एक शख्स ने बेटी की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें उसके मंगेतर को भेज दी थीं.


मृतकों में 54 साल के शिवन्ना, उनकी 48 साल की पत्नी नागरत्ना और 21 साल की बेटी रक्षिता शामिल हैं. वे केम्पैनाहुंडी गांव के रहने वाले थे. मृतक लड़की की सगाई हो चुकी थी. 24 जून को उसकी शादी होनी थी.
शादी की जिद्द कर रहा था आरोपीबताया गया कि उल्लास गौड़ा, रक्षिता को पसंद करता था. दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे. जब उसे पता लगा कि लड़की की शादी कहीं और तय हो गई है, तो वो उस पर दबाव बनाने लगा. उससे शादी करने की जिद्द करने लगा. आखिर में 21 जून को नागरत्ना और शिवन्ना ने उल्लास गौड़ा और उसके माता-पिता को घर पर बात करने के लिए बुलाया.
बातचीत के दौरान उन्होंने आरोपी को चेतावनी दी कि वे उनकी बेटी का पीछा न करें. साथ ही उन्होंने उसके फोन से रक्षिता से जुड़ी कुछ निजी तस्वीरें और मैसेज भी डिलीट करवाए. PTI से बात करते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गौड़ा ने कुछ तस्वीरें अपने पास रख ली थीं. घर लौटने के कुछ ही देर बाद उसने कथित तौर पर रक्षिता के मंगेतर को वह फोटो भेज दीं.
इससे दूल्हा और उसका परिवार भड़क गया और दुल्हन के घर पहुंच गया. जिससे मामला काफी बढ़ गया. बाद में रक्षिता और उसके माता-पिता के अपने ही घर में शव मिले. परिवार बेटी की शादी के कार्ड बांट चुके थे. 24 जून यानी आज ही शादी होनी थी. लेकिन अब घर में मातम का माहौल है. पुलिस ने गौड़ा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है.
कर्नाटक के DGP ने दी थी चेतावनीकुछ दिन पहले कर्नाटक के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस एमए सलीम ने प्राइवेट फोटो और वीडियो को रिकॉर्ड करने और उन्हें शेयर करने के कंसेंट पर बात की थी. उन्होंने कहा था कि रिकॉर्ड करने की सहमति और शेयर करने की सहमति दो पूरी तरह से अलग कानूनी अवधारणाएं हैं. भले ही किसी पीड़ित ने अपनी फोटो या वीडियो बनवाने के लिए सहमति दी हो, लेकिन उनकी अनुमति के बिना उस कंटेंट को किसी तीसरे पक्ष के साथ शेयर करना एक गंभीर अपराध है.
डीजीपी ने कहा था कि मामले में कई धाराओं में केस दर्ज किया जा सकता है. और सात साल तक की जेल भी हो सकती है.
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