The Lallantop

छोटी उंगली में चोट लगी थी, सिस्टम ने इतना घुमाया कि हाथ सड़ गया, अब काटना पड़ा

Howrah Man loses his arm: शुभेंदु चक्रवर्ती का केस सिर्फ बंगाल नहीं पूरे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. एक उंगली की चोट का ठीक से इलाज नहीं हो सका और पूरा हाथ ही काटना पड़ गया. पीड़ित अब अपनी हालात का जिम्मेदार, सरकार, डॉक्टर और खराब सड़क को बता रहे हैं.

Advertisement
post-main-image
यह घटना पश्चिम बंगाल के हावड़ा में अप्रैल में हुई थी. (फोटो-इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • पश्चिम बंगाल के हावड़ा में अप्रैल में पुजारी शुभेंदु चक्रवर्ती का ई-रिक्शा गड्ढे में गिरकर पलट गया, जिससे उनकी उंगली में चोट आई और बाद में उनका हाथ काटना पड़ा।
  • बारिश के बाद पानी भर जाने के कारण सड़क पर गड्ढे दिखाई नहीं दिए, जिससे ई-रिक्शा हादसा हुआ और घायल का इलाज कई अस्पतालों में असंगत ढंग से किया गया।
  • हादसे के बाद शुभेंदु चक्रवर्ती ने सरकार, डॉक्टरों और खराब सड़क की स्थिति को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे स्वास्थ्य सेवा और सड़क रखरखाव पर सवाल उठे हैं।

एक पुजारी पूजा करके ई-रिक्शा से घर जा रहे थे. रास्ते में पानी भरा था. ऐसे में गड्ढे नहीं दिखे. इस वजह से ई-रिक्शा का बैलेंस बिगड़ा और वह नीचे गिर गए. घटना में उन्हें उंगली में चोट आई थी. इलाज के दौरान उनका इंफेक्शन इतना बढ़ गया कि डॉक्टर्स को उनका हाथ काटना पड़ा.

Advertisement

यह घटना पश्चिम बंगाल के हावड़ा में अप्रैल में हुई थी. पीड़ित का नाम शुभेंदु चक्रवर्ती है. वह पुजारी हैं. इंडिया टुडे से जुड़े अनुपम की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना वाले दिन शुभेंदु पूजा करके लौट रहे थे. रास्ते में गड्ढे थे, जो पानी भरने के कारण नहीं दिखे. इस कारण उनका ई-रिक्शा पलट गया और वह नीचे गिर गए.

पीड़ित ने बताया,

Advertisement

"हमारे साथ हादसा हुआ था. हम पूजा करके ई-रिक्शा से आ रहे थे. ई-रिक्शा पलट गया और हमारा एक्सीडेंट हो गया. ई-रिक्शा गड्ढे में गिरकर पलट था. वहां हल्का पानी था.”

शुभेंदु चक्रवर्ती ने आगे अपनी चोट के बारे में बताया कि कैसे वह इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में भटकते रहे. उन्होंने कहा,

"हमारी छोटी उंगली में चोट लगी था. चोट लगने के बाद हम हावड़ा गए. वहां से मेडिकल. उन लोगों ने कहा रात को डॉक्टर नहीं हैं. फिर आरजी कर (अस्पताल) गए. वहां उंगली काटकर सिलाई कर दिया. आरजी कर से बोला कि आप दूसरे किसी अस्पताल में दिखा लीजिए. हम फिर NRS (नीलरतन सरकार मेडिकल कॉलेज) सियालदह गए.

उन लोगों ने प्लास्टर कर एक हफ्ते बाद आने के लिए कहा. एक हफ्ते बाद गए तो प्लास्टर काटकर बोला कि ड्रेसिंग करेंगे. ड्रेसिंग करके छोड़ दिया और कहा घर में ड्रेसिंग करिए. फिर एक दोस्त के डॉक्टर ने समाजसेवी अस्पताल में जाने की सलाह दी. वहां ड्रेसिंग ठीक से नहीं हो रही थी. फिर मेरी पत्नी की बहन ने दूसरा अस्पताल बताया. वहां के डॉक्टरों ने कहा कि ये तो पूरा सड़ गया है. हाथ काटना पड़ेगा. फिर डॉक्टर ने बॉन्ड पर दस्तखत करवाकर हाथ काट दिया."

Advertisement

शुभेंदु चक्रवर्ती का केस सिर्फ बंगाल नहीं पूरे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. एक उंगली की चोट का ठीक से इलाज नहीं हो सका और पूरा हाथ ही काटना पड़ गया. पीड़ित अब अपनी हालात का जिम्मेदार, सरकार, डॉक्टर और खराब सड़क को बता रहे हैं.

ये भी पढ़ें: मोरबी में कुएं का पानी अपनेआप हिलोरे मार रहा, लोगों ने सिर पकड़ लिए, वैज्ञानिकों ने क्या कहा?

पानी में दो-दो ई-रिक्शा पलटे

घटनास्थल का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें एक ई-रिक्शा पलटा हुआ है. आसपास पानी भरा है. इतने में दूसरी तरफ से आ रहा एक ई-रिक्शा भी पानी में अनियंत्रित होकर पलटने लगता है. मगर तुरंत एक व्यक्ति वाहन से बाहर पैर निकालकर जमीन पर रख देता है. इससे एक और दुर्घटना होते-होते बच जाती है.

इंडिया टुडे के रिपोर्टर ने बताया कि हावड़ा में जीटी रोड, जेएन मुखर्जी रोड और नस्कर पारा रोड जैसी मुख्य सड़कों पर गड्ढे जानलेवा खतरा बन गए हैं. पानी में ये दिखते नहीं. जिस कारण हादसे होने का डर रहता है. स्थानीय लोग नाराज हैं कि रास्तों से गुजरने वाले नेता, अधिकारी और वीआईपी सड़क की खतरनाक हालत को नजरअंदाज करते रहते हैं.

वीडियो: JPSC Protest में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही

Advertisement