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140 फीट गहरे बोरवेल में गिरे बच्चे की मौत, 16 घंटे के ऑपरेशन के बाद बाहर निकाला गया था

Guna borewell news: डॉक्टरों ने 10 साल के बच्चे सुमित मीना (Sumit Meena) के मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि बच्चे का शरीर पानी में था. और क्या बताया अधिकारियों ने?

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डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की है. (फ़ोटो - PTI)

मध्य प्रदेश के गुना ज़िले में बोरवेल में गिरे 10 साल के सुमित मीना (Sumit Meena Guna) की मौत हो गई. सुमित मीना को निकाले जाने के साथ ही उसकी मौत की पुष्टि हो गई. डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में बहुत ज़्यादा पानी होने के कारण उसे नहीं बचाया जा सका. सुमित 28 दिसंबर की शाम 140 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया था. उसे लगभग 16 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बोरवेल से बाहर निकाला जा सका था. इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

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आजतक की ख़बर के मुताबिक़, अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMHO) डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर ने सुमित मीना के मौत की पुष्टि करते हुए कहा,

बच्चे का शरीर पानी में था. उसे जब अस्पताल पहुंचाया गया, तो उसके कपड़े भी गीले थे. मुंह में मिट्टी भी चली गई थी. ठंड में उसके शरीर के पार्ट्स ने काम करना बंद कर दिया था.

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कैसे हुआ हादसा?

गुना ज़िला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पिपलिया गांव. 28 दिसंबर की शाम 5 बजे यहां सुमित मीना नाम का 10 साल का बच्चा बोरवेल के खुले गड्ढे में गिर गया. अधिकारियों ने बताया कि 29 दिसंबर की सुबह क़रीब 9.30 बजे उसे बाहर निकाला गया. गुना के पुलिस अधीक्षक (SP) संजीव सिन्हा ने बताया कि लड़के को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर राघौगढ़ के एक अस्पताल ले जाया गया.

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जब SP संजीव सिन्हा से पूछा गया था कि बच्चा ठीक है या नहीं, तो उन्होंने कहा था कि डॉक्टर ही इस बारे में जानकारी दे पाएंगे. राघौगढ़ के कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे थे. इस दौरान, उन्होंने बताया कि बचावकर्मियों ने रात भर काम किया, गड्ढे और बोरवेल के बीच एक समानांतर गड्ढा खोदा और बच्चे तक पहुंचने की कोशिश की. मामले पर गुना के कलेक्टर सतेंद्र सिंह की भी प्रतिक्रिया आई.

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उन्होंने बताया कि बोरवेल लगभग 140 फीट गहरा है. इसमें बच्चा 39 फ़ीट की गहराई पर फंसा हुआ था. कलेक्टर सतेंद्र ने आगे कहा कि बोरवेल में पानी नहीं था, इसलिए उसे किसी चीज़ से ढका नहीं गया था. NDRF की टीम भी भोपाल से वहां पहुंची थी, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद मिल सके. बताया गया कि 28 दिसंबर की शाम को जब बच्चे के परिवार वालों ने उसे काफ़ी देर तक नहीं देखा, तो वे घबरा गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब बच्चे की तलाश की गई, तो पता चला कि सुमित बोरवेल में गिर गया है.

(न्यूज़ एजेंसी PTI के इनपुट के साथ)

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