उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में ऑनलाइन अश्लील कॉन्टेंट के जरिए कमाई करने वाले एक बड़े रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र की एक सोसाइटी में फ्लैट से चल रहे इस अवैध धंधे में छह महिलाओं और गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने मौके से लैपटॉप, कंप्यूटर, वेबकैम समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं.
गाजियाबाद के न्यूड वीडियो कॉल रैकेट में 7 गिरफ्तार, 20-25 हजार में लड़कियां करती थीं अंग प्रदर्शन
Ghaziabad Nude Video Call Racket: गिरोह के सरगना हरिओम पांडेय ने पुलिस को बताया कि गैंग में शामिल महिलाओं के अश्लील अंग प्रदर्शन करने और फिर ऑनलाइन साइट से मिलने वाले पॉइंट्स से ही उनकी कमाई होती थी.


पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ऑनलाइन साइट के सहारे न्यूड वीडियो कॉल और अश्लील बातचीत के जरिए पैसे कमाता था. आरोपी महिलाएं कथित तौर पर फ्लैट के अंदर लैपटॉप और कंप्यूटर के सामने कैमरे लगाकर बैठती थीं. आरोप है कि वे ऑनलाइन साइट से जुड़कर यूजर्स की मांग पर वीडियो कॉल करती थीं. इस दौरान अपनी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था.
जांच में सामने आया है कि यह पूरा खेल Stripchat साइट के जरिए चल रहा था. यूजर्स से अश्लील बातचीत और अश्लील अंग प्रदर्शन के बदले साइट से पॉइंट्स मिलते थे. इन पॉइंट्स को बाद में पैसों में बदला जाता था. गिरोह का सरगना इस कमाई को सभी में बराबर-बराबर बांटता था. आरोप है कि कुछ महिलाओं को 20 से 25 हजार रुपये महीने की सैलरी पर रखकर यह अश्लील काम कराया जाता था.
इंडिया टुडे से जुड़े मयंक गौड़ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (ACP), वेब सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया,
"पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र के एक फ्लैट में महिलाएं अवैध गतिविधियों में शामिल हैं. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापा मारा तो देखा कि छह महिलाएं ऑनलाइन साइट पर सक्रिय थीं और कैमरे के जरिए लोगों से जुड़कर अश्लील गतिविधियां कर रही थीं. पुलिस को देखकर आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन टीम ने सभी को मौके से पकड़ लिया."
पूछताछ में गिरोह के सरगना हरिओम पांडेय ने पुलिस को बताया कि गैंग में शामिल महिलाओं के अश्लील अंग प्रदर्शन करने और फिर ऑनलाइन साइट से मिलने वाले पॉइंट्स से ही उनकी कमाई होती थी.
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294 (अश्लील कॉन्टेंट की बिक्री आदि) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 66D (कंप्यूटर से गलत पहचान दिखाकर धोखा) और धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील कॉन्टेंट पब्लिश या प्रसारित करना) के तहत FIR संख्या 013/2026 दर्ज की है.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह अवैध धंधा कब से चल रहा है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस ऑनलाइन रैकेट के तार किसी बड़े नेटवर्क या दूसरे शहरों से तो नहीं जुड़े हैं.
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